बलरामपुर: ग्राम पंचायत अधिकारी पर सरकारी योजनाओं में भारी फर्जीवाड़े का आरोप

डीएन संवाददाता

सदर विकास खंड में ग्राम पंचायत अधिकारी पर सरकारी योजनाओं के तहत होने वाले विकास कार्यो में निर्धारित मानकों का धडल्ले से उल्लघंन करने का बड़ा आरोप लगाया है। जिलाधिकारी ने कहा कि यह मामला हालांकि पहले का है लेकिन फिर भी मामले की जांच कर उचित कार्यवाही की जायेगी। पूरी खबर..

कार्यालय खंड विकास अधिकारी
कार्यालय खंड विकास अधिकारी

बलरामपुर: सदर विकास खंड में ग्राम पंचायत अधिकारी पर कई गांवों में सरकारी योजना के तहत होने वाले विकास कार्यो में निर्धारित मानकों का धडल्ले से उल्लघंन करने का आरोप लगाया जा रहा है। अधिकारी पर इन्दिरा आवास योजना के तहत 13 अपात्रों को पात्र दिखाकर योजना का लाभ दिलाने और लाखों रूपए की बंदर-बांट करने का भी आरोप है। मामला सामने आने के बाद खंड विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत अधिकारी के विरूद्ध जांच कराने के लिये डीएम, सीडीओ सहित अन्य उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा था, जिस पर अब प्रशासनिक जांच तेज होने लगी है।

 

 

इस केस पर डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत में डीएम कृष्णा करूणेश ने कहा कि यह मामला मेरे समय का नहीं है। उन्होंने कहा कि डीपीआरओ से इस केस की फाइल तलब करवाई गयी है और जांच के बाद मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।

मनरेगा कार्यों में अनियमितता

उच्चाधिकारियों को भेजे गए पत्र में खंड विकास अधिकारी ने कहा है कि सदर विकास खंड मे तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी अजय यादव ने ग्राम पंचायत बरांव में मनरेगा योजना के अन्तर्गत दिए गए गाइड लाइन का उल्लघंन करते हुए वर्ष 2010-11 तथा 2011-12 में 31 हजार 780 रूपए अनियमित रूप से व्यय किया, जिसकी पुष्टि त्रिसदस्यीय जांच आख्या 29.12.2014 व परियोजना निदेशक ग्राम विकास अभिकरण खंड विकास अधिकारी की जांच में हुई। यह पत्र उन्होंने 8 फरवरी को लिखा है।

लाखों रूपये गबन करने का आरोप

ग्राम पंचायत अधिकारी अजय यादव पर यह भी आरोप है कि ग्राम पंचायत भगवतपुर में वर्ष 2012-13 में उन्होंने इन्दिरा आवास योजना के तहत नौ व इसी वित्तीय वर्ष में ग्राम पंचायत गंगापुर लखना में चार (कुल मिलाकर 13) अपात्रों को पात्र दर्शा कर योजना का लाभ दिलाया गया। अजय यादव ने गाइड लाइन का उल्लघंन करते हुए चार लाख 38 हजार 780 रूपए का अनियमित गबन किया।

कठोर कार्रवाई की सिफारिश

विकास खंड अधिकारी ने आठ बिन्दुओं का आरोप लगाते हुए साक्ष्य सहित जांच रिर्पोट डीएम सहित अन्य उच्चाधिकारियों को सौंपा, जिसमें ग्राम पंचायत अधिकारी अजय यादव के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की बात कही गई है।

आरोपों को बताया गलत 

इस पूरे मामले पर ग्राम पंचायत अधिकारी अजय यादव ने बताया की जांच आख्या गलत है और साजिशन उन्हें फंसाने की साजिश रची गई।
 

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