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बलरामपुर: जिले में दो दिनों से हो रही लगातार मानसून की बारिश ने जिला प्रशासन की पोल खोल कर रख दी है। हरैया, तुलसीपुर, गैसड़ी और पचपेड़वा क्षेत्रों के लगभग 2 दर्जन से अधिक पहाड़ी नालों में सोमवार के सुबह से तबाही मचानी शुरू हो गई है। पहाड़ी नाले खरझार की बाढ़ से लोहे पनिया के निकट बना बांध कई बिंदुओं पर क्षतिग्रस्त हो गया है। अब सरकारी अमला उसकी देखभाल के लिए पहुंचा है जबकि बाढ़ से आसपास के एक दर्जन से ज्यादा गांव में पानी घुस गया है। जिससे सामान्य जीवन अस्त व्यस्त हो गया है कुछ गांव में तो पानी से लोगों का दैनिक जीवन काफी प्रभावित हुआ है इसके चलते लोगों ने गांव से पलायन करना शुरू कर दिया है।
जिले में नेपाल की पहाड़ों से निकलने वाले पहाड़ी नालों गौरिया, हेगहा, खैर,कटनी, खरझार, ककरहवा आदि में बाढ़ आ गयी है, जिनमें से खरझार में सबसे ज्यादा तबाही मची है। पहाड़ी नालों के बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि वो कई गांवो में प्रवेश कर गया है।
पहाड़ी नाले हेगहा की बाढ़ से ललिया-बनघुसरी संपर्क मार्ग पर एक पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है इसके कारण आवागमन बाधित है और तो और साइकिल से भी सड़क पर जा पाना असंभव है।पहाड़ी नालों में उफान आने से कुछ गांव में पानी भर गया है। मौके पर बचाव व राहत टीम मौजूद है। तुलसीपुर एसडीएम सतीश त्रिपाठी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया और बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के निर्देश दिये।
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Published : 2 July 2018, 6:18 PM IST
Topics : Balrampur BalrampurFloods खरझार तबाही पहाड़ी नाले बलरामपुर बाढ़