DNExclusive: अयोध्या केवल राम जन्मभूमि, बाबर यहाँ कभी आया नहीं तो मस्जिद क्यों बने- विहिप

डीएन संवाददाता

विहिप के काशी प्रांत के संगठन मंत्री ने अम्बरीश ने कहा कि अयोध्या की धरती से धरती से बाबर का कोई लेना देना नहीं है और हमें उम्मीद है कि 2019 से पहले राम मंदिर का निर्माण हो जाएगा।


सुल्तानपुर: यहाँ विहिप द्वारा आयोजित एक मीटिंग में विहिप के काशी प्रांत के संगठन मंत्री ने अम्बरीश जी ने पत्रकारों से रुबरु होते हुए कहा कि अयोध्या केवल रामलला की जन्मभूमि है। बाबर वहाँ जब एक बार भी आया नहीं तो उसके नाम का स्मारक आखिर क्यों बनना चाहिए? जो आया नहीं, जिसका इस धरती से कोई लेना देना नहीं, उसके नाम की जो जिद किए हुए है वे केवल हट कर रहे है।'

 

पत्रकारों से रुबरु होते विहिप काशी प्रांत के संगठन मंत्री ने अम्बरीश जी
पत्रकारों से रुबरु होते विहिप काशी प्रांत के संगठन मंत्री ने अम्बरीश जी

बाबर से यहां के मुसलमान का कोई लेना देना नहीं

शहर के पयागीपुर स्थित गनपत सहाय डिग्री कालेज में विहिप के काशी प्रान्त के 19 जिलों की योजना बैठक में विहिप के काशी प्रांत के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अम्बरीश ने पत्रकारों से लम्बी बातचीत की। अयोध्या मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यहां के मुसलमान को सोचना पड़ेगा की बाबर से यहां के मुसलमान का कोई लेना देना नहीं है। सबको सपोर्ट में आना चाहिए, राम हम सबके पूर्वज हैं। हम नहीं चाहते के जब मंदिर बने तो कोई विजेता और कोई पराजित हो।

 

उन्होंने कहा कि हम तो भरोसा करते हैं 2019 से पहले मंदिर निर्माण हो जाएगा, क्योंकि हिंदू समाज ने प्रबल जनमत से पूर्ण बहुमत की सरकार दिया है, और अब ये सरकार देश के श्रध्दालुओं की जवाब देह है। अब ये विषय संगठन का नहीं है, हिंदू समाज का विषय है, हिंदू समाज की श्रध्दा का विषय है।

 

लोकतंत्र की नियमित घटना है चुनाव

इलेक्शन के समय ही मंदिर का मुद्दा क्यों उठा है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अभी कौन इलेक्शन आने वाला है? इलेक्शन तो पांच साल में एक बार आता है, राज्यों के इलेक्शन बीच में आते हैं और इलेक्शन की प्रकिया को हम रोक नहीं सकते। अब दो साल बाद इलेक्शन है और इलेक्शन को लेकर हम न बोले ऐसा हो नही सकता। श्री अम्बरीश ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की नियमित घटना है और देश के बारे में जितनी बातें हैं वो तो हम बोलेंगे।

 

मंदिर मुद्दा 100 करोड़ हिन्दुओं की श्रद्धा का विषय

उन्होंने मंदिर मुद्दे को चुनावी विषय बताते हुए कहा कि चूंकि मंदिर चुनाव से जुड़ा विषय है, आज मंदिर निर्माण राजनीतिक लोगों के हाथों में है। अगर हल्दी के दाम के लिए लोग चुनाव में बोल सकते हैं, नहर के लिए बोल सकते हैं, सड़क के लिए बोल सकते हैं तो 100 करोड़ लोगों की श्रद्धा के लिए हम क्यों नहीं बोल सकते हैं? चुनावी विषय है इसमें संकोच किस बात का हम बोलेंगे। और हम चाहेंगे के ऐसे लोग चुने जाएँ जो हमारे मंदिर निर्माण में मदद करें। ऐसे लोग पराजित हों जो मंदिर का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए पत्थर लगातार लाए जा रहे हैं और मंदिर निर्माण के लगभग 60% पत्थरों की गढ़ाई हो चुकी है और हो रही है। पत्थर लाने का काम लगातार हो रहा है। हमारे जिम्मे जो काम है वो हम कर रहे हैं, बाकी सरकार का काम है। उन्होंने ये भी कहा कि 6 दिसम्बर को ढाँचा गिराने का 25 वर्ष पूरा हो रहा, इसलिए 6 दिसम्बर को शौर्य दिवस बड़े पैमाने पर और अच्छे ढंग से मनाएंगे।

 

अल्पसंख्यक आयोग बंद हो

विहिप नेता ने अल्पसंख्यक आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस देश में अल्पसंख्यक आयोग नहीं होना चाहिए, केवल यहाँ एक मानवाधिकार आयोग जो बना हुआ है वही हो। वो सम्पूर्ण देश के लोगों के हित कि चिंता करे, अलग से अल्पसंख्यको की चिंता करने के लिए आयोग की ज़रूरत नही है। क्योंकि अल्पसंख्यक आयोग देश में विभाजन वादी गतिविधियों को बढावा देता है।

 

हिन्दुओं पर हमले चिंताजनक

इस समय इस देश में हिन्दुओं पर हमले की श्रंखला चल रही है, असम में हमला हुआ, बंगाल में हमला हुआ और प्रशासन के नाक के नीचे हमला हुआ। उन्होंने कहा एक एख्लाक के मरने पर सभी राजनैतिक दलों में रोने की प्रतियोगिता हो रही थी, और आज बंगाल में इतना हिंदू मारा गया किसी को उसकी चिंता नही है।

दो हिंदू समाज का एक छोटा सा जातीय संघर्ष हुआ तो राहुल गांधी वहां यात्रा करने पहुंच गए। जबकि बंगाल में इतने बड़े प्रमाण पर हिंदू मारा गया उसकी किसी को चिंता नही।

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