अयोध्या केस सुनवाईः राम जन्म स्थान पर मुस्‍लिम पक्ष ने लिया यू-टर्न, पलटे अपने बयान से

अयोध्या विवाद पर सुनवाई में 31वें दिन मुस्लिम पक्ष ने अपने बयानों से पलटते हुए यू टर्न ले लिया है। जहां सोमवार को मुस्लिम पक्ष ने मान लिया था कि भगवान राम का जन्म वहीं हुआ था, वहीं मुस्लिम पक्षकारों ने आज कहा कि वो राम चबूतरे को भगवान राम का जन्मस्थान नहीं मानते। पढ़ें डाइनामाइट न्यूज़ पर पूरी खबर..

Updated : 25 September 2019, 3:48 PM IST
google-preferred

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट में आज अयोध्या विवाद की सुनवाई के 31वें दिन सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कल के अपने बयान से यू-टर्न लेते हुए कहा कि वह राम चबूतरे को भगवान राम का जन्म स्थान नहीं मानता।

यह भी पढ़ें: मुस्लिम पक्षकार ने कोर्ट में कहा- इसमें कोई शक नहीं की भगवान राम सम्मान होना चाहिए, लेकिन...

बोर्ड की ओर से जफरयाब जिलानी ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की संविधान पीठ के समक्ष स्पष्टीकरण दिया कि बोर्ड अभी तक यह नहीं मानता कि राम चबूतरा ही वह जगह हैं जहां भगवान राम का जन्म हुआ था। उन्होंने कहा कि इस मामले में उनका भी वहीं रुख है जो वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन का है।

यह भी पढ़ेंः मुस्लिम पक्षकार ने कहा 1949 से पहले गर्भगृह में राम की मूर्ति नहीं थी

ज़फरयाब जिलानी ने यह स्पष्टीकरण मीडिया के कुछ हिस्सों में प्रकाशित उस रिपोर्ट को लेकर दी जिसमें कहा गया था कि सुन्नी वक्फ बोर्ड ने भी मान लिया है कि राम चबूतरा ही राम का जन्म स्थान था। बता दें कि इससे पहले खुद मुस्लिम पक्ष ने ये कहा था कि वो मानते हैं कि भगवान राम का जन्म उसी जगह हुआ था, लेकिन कहां वह नहीं बता सकते। 

वहीं ज़फरयाब जिलानी ने 1862 की एक रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें जन्म स्थान को एक अलग मंदिर बताया गया। न्यायमूर्ति बोबड़े ने कहा, “उनके गजेटियर में कहा गया है कि राम चबूतरा ही राम का जन्म स्थान है और केंद्रीय गुम्बद से 40 से 50 फ़ीट दूर है।” इस पर ज़फरयाब जिलानी ने कहा कि यह हिन्दुओं का विश्वास है उनका नहीं।

Published : 
  • 25 September 2019, 3:48 PM IST

Advertisement
Advertisement