Arrah News: पिता ने 4 बच्चों के दूध में मिलाया जहर, 3 की मौत, जानिए पिता ने आखिर क्यों उठाया ये कदम?

डीएन ब्यूरो

बिहार के आरा में बुधवार को एक बेहद ही दुखद घटना सामने आयी है। इस घटना ने सबको झकझोर दिया। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

आरा में पिता ने बच्चों को दिया जहर
आरा में पिता ने बच्चों को दिया जहर


आरा: बिहार के आरा में एक घटना ने सबका दिल दहला दिया। इस घटना को सुनकर सबकी आंखों से आंसू बहने लगे। बिहिया थाना क्षेत्र के बेलवानिया गांव में मंगलवार रात एक पिता ने अपने 4 बच्चों को दूध में जहर मिलाकर दे दिया और बाद में खुद भी जहर पी लिया। इसके बाद सभी को इलाज के लिए सदर अस्पताल आरा में भर्ती कराया गया। जहां दो पुत्री और एक पुत्र की मौत हो गई। जबकि दो लोगों का इलाज चल रहा है। 

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार बच्चों को जहर देने वाले शख्स की पहचान अरविंद कुमार के रुप में हुई है। मृतकों की पहचान अरविंद कुमार की 13 वर्षीया पुत्री नंदनी कुमारी, 5 वर्षीया पुत्री पलक कुमारी एवं 7 वर्षीय पुत्र टोनी कुमार के रूप में हुई है। 

अस्पताल में भर्ती पिता-पुत्र

जानकारी के अनुसार अरविंद की पत्नी की मौत होने के बाद दुकान चलाते थे और बच्चों को दुकान पर बैठाकर पढ़ाई भी करवाते थे। लेकिन पत्नी के जाने के बाद बच्चों को संभालने में काफी परेशानी होती थी। 

यह भी पढ़ें | Arrah News: ज्वेलरी शोरूम में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राख

ऑन ड्यूटी चिकित्सक डॉक्टर शिव नारायण सिंह ने बताया कि कौन सा जहर का सेवन किए है अभी पता किया जा रहा है।

मामले की जांच करती पुलिस 

ग्रामीण गुप्तेश्वर प्रसाद ने बताया कि गांव में पड़ोसी के यहां बरात आई हुई थी। सभी लोग उसी में शामिल होने के लिए गए थे। इसी बीच अरविंद के भतीजे ने फोन किया कि सभी की तबीयत खराब हो गई है। आरा लेकर जा रहे हैं। आरा आने के बाद सूचना मिली कि सभी जहर खाए हुए हैं।

अस्पताल में इलाजरत अरविंद के बेटे आदर्श ने बताया कि उसकी मां की मौत 8 महीने पहले बीमारी के कारण हो गई थी। इसके बाद उसके पिता काफी अंदर से टूट गए थे। वे बेनवलिया बाजार में एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक का दुकान चलाकर उन लोगों का पालन पोषण करते थे।

यह भी पढ़ें | Attacked on Bihar Police: मुंगेर में बिहार पुलिस पर फिर हमला, कई पुलिसकर्मी चोटिल, इलाके में तनाव

इजाजरत बच्चे ने बताया कि मंगलवार की रात उसके पिता ने सभी को खाने में मनपसंद पूरी-सब्जी खिलायी, फिर उसके बाद सभी को एक–एक गिलास दूध दिया और खुद भी पिया।  कुछ देर बाद से ही हम लोगों को उल्टी होने लगी और पेट में जोर से दर्द होने लगा। कोई घर पर नहीं था।  हम लोग कमरे में छटपटाटे रहे थे लेकिन कोई नहीं आया। काफी देर बीत जाने के बाद दरवाजा खुला।










संबंधित समाचार