हिंदी
नयी दिल्ली: दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती आक्रामकता से उत्पन्न चिंताओं की पृष्ठभूमि में भारत और वियतनाम के बीच बढ़ती रणनीतिक भागीदारी के तहत दोनों देशों की सेनाओं ने सोमवार को हनोई में 11 दिवसीय सैन्य अभ्यास शुरू किया।
भारतीय सेना ने कहा कि अभ्यास का उद्देश्य सहयोगात्मक साझेदारी और पारस्परिकता को बढ़ावा देना है।
इसने कहा, 'संयुक्त अभ्यास दोनों सेनाओं के बीच समझ और पारस्परिकता को बढ़ावा देने में मदद करेगा तथा मित्रवत सेनाओं के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा।'
बढ़ते रणनीतिक संबंधों के चलते भारत ने जुलाई में वियतनाम को अपना सेवारत युद्धपोत ‘आईएनएस कृपाण’ उपहार में दिया था।
आसियान (दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का संगठन) के महत्वपूर्ण सदस्य वियतनाम का दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में चीन के साथ क्षेत्रीय विवाद है।
दोनों सेनाओं के बीच ‘विनबैक्स-23’ नामक सैन्य अभ्यास हनोई में 11 से 21 दिसंबर तक होगा।
भारतीय दल में 45 कर्मी शामिल हैं जिनमें से 39 कर्मी बंगाल इंजीनियर ग्रुप की इंजीनियर रेजिमेंट से और छह आर्मी मेडिकल कोर से हैं। वियतनाम की सेना की तरफ से भी अभ्यास में 45 कर्मी भाग ले रहे हैं।
विनबैक्स की शुरुआत 2018 में की गई थी और इसके तहत पहला संयुक्त सैन्य अभ्यास मध्य प्रदेश के जबलपुर में आयोजित किया गया था।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार यह भारत और वियतनाम में बारी-बारी से आयोजित किया जाने वाला वार्षिक प्रशिक्षण कार्यक्रम है।
इसका पिछला संस्करण अगस्त 2022 में चंडीमंदिर सैन्य स्टेशन में आयोजित किया गया था।
Published : 11 December 2023, 4:25 PM IST