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निरोशन डिकवेला (Img- Pinterest)
New Delhi: भारत और श्रीलंका के बीच गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मुकाबले में मेजबान टीम जब 90 रन पर 5 विकेट गंवाकर संकट में थी, तब विकेटकीपर बल्लेबाज निरोशन डिकवेला ने मोर्चा संभाला।
उन्होंने 115 गेंदों पर 7 चौकों की मदद से 80 रनों की बेहद जुझारू पारी खेली। इस पारी के दम पर श्रीलंका भले ही मैच में वापसी करने में सफल रहा, लेकिन डिकवेला के करियर की पुरानी टीस एक बार फिर ताजा हो गई वे शतक से चूक गए और 80 रन पर आउट होकर पवेलियन लौटे।
साल 2014 में अपने टेस्ट करियर की शुरुआत करने वाले निरोशन डिकवेला अब तक 55 टेस्ट मैच खेल चुके हैं। गॉल में खेली गई 80 रनों की पारी उनके टेस्ट करियर का 23वां अर्धशतक था।
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उन्होंने अब तक 2837 रन बनाए हैं और उनका व्यक्तिगत सर्वोच्च स्कोर 96 रन रहा है। हालांकि, इतने लंबे करियर और 23 बार 50 से अधिक का स्कोर बनाने के बावजूद उनके खाते में एक भी शतक दर्ज नहीं है।
डिकवेला का यह आंकड़ा टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में बिना शतक के सबसे ज्यादा बार 50 से अधिक रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड है। कोई भी बल्लेबाज कभी यह रिकॉर्ड अपने नाम नहीं करना चाहेगा, क्योंकि हर खिलाड़ी तीन अंकों के आंकड़े को छूना चाहता है।
इस सूची में भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज चेतन चौहान 16 बार 50+ स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया के मिशेल स्टार्क और केन मैके (13-13 बार) तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।
बिना शतक लगाए सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने के मामले में डिकवेला अब केवल ऑस्ट्रेलिया के दिवंगत महान स्पिनर शेन वॉर्न से पीछे हैं। वॉर्न ने अपने करियर में बिना किसी शतक के 3154 रन (12 अर्धशतक) बनाए थे, जबकि डिकवेला 2837 रनों के साथ इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं।
Location : New Delhi
Published : 17 August 2026, 4:53 PM IST