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टीम इंडिया के हेड कोच गंभीर की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि इस तरह के डीपफेक वीडियो न सिर्फ उनकी छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि आम जनता को भी गुमराह करते हैं। उन्होंने अदालत से मांग की है कि ऐसे कंटेंट को तुरंत हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।
टीम इंडिया हेड कोच गौतम गंभीर (Img: Google)
New Delhi: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर डीपफेक वीडियो का शिकार हो गए हैं। अपनी पहचान के कथित दुरुपयोग के खिलाफ गंभीर ने सख्त रुख अपनाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में सिविल सूट दाखिल किया है। उन्होंने अपनी पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की मांग के साथ-साथ 2.5 करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की है।
दरअसल, यह मामला साल 2025 के आखिर का बताया जा रहा है, जब सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे वीडियो वायरल हुए, जिनमें गौतम गंभीर का चेहरा, आवाज और नाम का इस्तेमाल किया गया। इन वीडियो में उन्हें ऐसी बातें कहते हुए दिखाया गया, जो उन्होंने कभी कही ही नहीं थीं। आरोप है कि कुछ अज्ञात लोगों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फेस-स्वैपिंग और वॉयस क्लोनिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर ये फर्जी वीडियो तैयार किए।
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गंभीर की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि इस तरह के डीपफेक वीडियो न सिर्फ उनकी छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि आम जनता को भी गुमराह करते हैं। उन्होंने अदालत से मांग की है कि ऐसे कंटेंट को तुरंत हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।
यह मामला डिजिटल दौर में तेजी से बढ़ते डीपफेक और AI के दुरुपयोग के खतरे को भी उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीक का गलत इस्तेमाल किसी भी सार्वजनिक व्यक्ति की साख को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
फिलहाल दिल्ली हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। यह केस भविष्य में डीपफेक कंटेंट और डिजिटल अधिकारों को लेकर एक अहम कानूनी मिसाल भी बन सकता है।