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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायना को लेकर सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित हो रहे कथित मानहानिकारक कंटेंट पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने ऐसे सभी पोस्ट, वीडियो और लेखों को ब्लॉक करने का आदेश दिया है।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी
नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायना को लेकर सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित हो रहे कथित मानहानिकारक कंटेंट पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने ऐसे सभी पोस्ट, वीडियो और लेखों को ब्लॉक करने का आदेश दिया है, जिनमें उनका नाम कुख्यात चाइल्ड सेक्स अपराधी जेफरी एपस्टीन के साथ जोड़कर पेश किया गया है।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि उपलब्ध सामग्री को देखने पर यह प्रथम दृष्टया मानहानि का मामला बनता है। इस तरह के आरोप न केवल झूठे प्रतीत होते हैं, बल्कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि बिना प्रमाण के इस तरह की सामग्री का प्रसार स्वीकार्य नहीं है।
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हाई कोर्ट ने संबंधित सोशल मीडिया कंपनियों और इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया कि वे तत्काल प्रभाव से ऐसे सभी लिंक, पोस्ट और कंटेंट को हटाएं या ब्लॉक करें। साथ ही यह भी कहा गया कि भविष्य में इस तरह की सामग्री अपलोड न होने दी जाए।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति की निजता और प्रतिष्ठा की रक्षा करना कानून का दायित्व है। खासकर तब, जब आरोप गंभीर और असत्य प्रतीत हों। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो संबंधित प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
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इस मामले ने एक बार फिर इंटरनेट पर फैल रही फर्जी और भ्रामक खबरों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट मॉडरेशन को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।