18 मार्च को दर्श अमावस्या: पूरे दिन रहेगा पंचक का प्रभाव, जानें पूजा का महत्व और मुहूर्त

18 मार्च 2026 को पड़ने वाली दर्श अमावस्या का क्या है महत्व? जानें पितृ तर्पण के शुभ मुहूर्त, पूरे दिन रहने वाले पंचक का प्रभाव और राहुकाल का समय। पितरों के आशीर्वाद और सुख-समृद्धि के लिए इस दिन दान-पुण्य का विशेष फल मिलता है, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 17 March 2026, 3:49 PM IST
google-preferred

New Delhi: हिंदू धर्म में हर महीने आने वाली अमावस्या का विशेष महत्व होता है, जिसे दर्श अमावस्या कहा जाता है। इस बार 18 मार्च 2026 को पड़ने वाली दर्श अमावस्या कई विशेष योगों के साथ आ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पितरों के तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है।

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस दिन पूरे दिन पंचक का प्रभाव रहेगा। इसके बावजूद दिन में कई शुभ मुहूर्त और अमृतकाल भी बन रहे हैं, जिससे श्रद्धालु पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान कर सकते हैं।

क्यों खास होती है दर्श अमावस्या

हिंदू पंचांग के अनुसार अमावस्या के दिन आकाश में चंद्रमा दिखाई नहीं देता। इसे पितरों को स्मरण करने और उनका तर्पण करने का सबसे उपयुक्त समय माना जाता है।
मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान, तर्पण और जरूरतमंदों को दान करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके प्रभाव से परिवार में सुख-समृद्धि, शांति और स्वास्थ्य की वृद्धि होती है।

तिथि और दिन का समय

पंचांग के अनुसार 18 मार्च को सूर्योदय सुबह 6:28 बजे और सूर्यास्त शाम 6:31 बजे होगा।
इस दिन चतुर्दशी तिथि सुबह 8:25 बजे तक रहेगी, जिसके बाद अमावस्या तिथि की शुरुआत हो जाएगी। इसी समय से पितृ तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व माना जाता है।

OTT पर ‘ऑपरेशन कमबैक’: अनिल कपूर का बड़ा ऐलान, 10 साल बाद लौटेगा ‘24’ का खतरनाक मिशन

दिनभर के प्रमुख शुभ मुहूर्त

धार्मिक कार्यों के लिए दिन में कई शुभ समय भी बन रहे हैं, जिनमें पूजा, जप और दान करना शुभ माना जाता है।

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:52 से 5:40 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:30 से 3:18 बजे तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:29 से 6:53 बजे तक

इसके अलावा रात के समय भी कुछ खास शुभ काल बन रहे हैं।

  • अमृत काल: रात 9:37 से 11:10 बजे तक
  • निशीथ मुहूर्त: रात 12:05 से 12:53 बजे तक

हालांकि इस दिन अभिजित मुहूर्त नहीं बन रहा है।

अशुभ समय में सावधानी जरूरी

18 मार्च को कुछ ऐसे समय भी रहेंगे जिन्हें ज्योतिष में अशुभ माना जाता है। इन समयों में नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

  • राहुकाल: दोपहर 12:29 से 2:00 बजे तक
  • यमगंड: सुबह 7:58 से 9:28 बजे तक
  • गुलिक काल: सुबह 10:59 से 12:29 बजे तक

इसके अलावा दुर्मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 बजे तक रहेगा।

ईरान-इजरायल युद्ध ने हिला दी अमीरों की दुनिया: अरबों की संपत्ति मिट्टी में मिली, जानें लिस्ट में कौन-कौन शामिल?

पूरे दिन रहेगा पंचक का प्रभाव

इस बार दर्श अमावस्या के दिन बुधवार को पंचक भी पूरे दिन प्रभावी रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में पंचक को कुछ विशेष कार्यों के लिए सावधानी वाला समय माना जाता है।

हालांकि धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य, जप और पितृ तर्पण जैसे कार्य इस दिन किए जा सकते हैं। श्रद्धालु इस दिन पूजा-पाठ कर अपने पितरों का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 17 March 2026, 3:49 PM IST

Related News

No related posts found.

Advertisement