हरियाणा में ऐसा क्या हुआ, जो 5 दिग्गज विधायकों को कांग्रेस ने दिखाया बाहर का रास्ता

हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान कथित क्रॉस वोटिंग को लेकर Indian National Congress ने कड़ा कदम उठाते हुए पांच विधायकों को निलंबित कर दिया है। अनुशासन समिति की सिफारिश पर केंद्रीय नेतृत्व ने यह फैसला लिया। इस कार्रवाई से राज्य की सियासत गरमा गई है और पार्टी में संदेश दिया गया है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 16 April 2026, 4:41 PM IST
google-preferred

Haryana: हरियाणा की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब राज्यसभा चुनाव के दौरान कथित क्रॉस वोटिंग के मामले में कांग्रेस ने बड़ा एक्शन लेते हुए अपने ही पांच विधायकों को निलंबित कर दिया। पार्टी ने साफ संदेश दिया है कि अनुशासन तोड़ने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।

किन विधायकों पर गिरी गाज

कांग्रेस द्वारा जिन विधायकों को निलंबित किया गया है, उनमें शैली चौधरी, रेनू वाला, मोहम्मद इलियास, मोहम्मद इसराइल और जरनैल सिंह के नाम शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन सभी पर राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से हटकर वोटिंग करने का आरोप है, जिसे पार्टी ने गंभीर अनुशासनहीनता माना है।

कैसे लिया गया फैसला?

इस पूरे मामले पर हरियाणा कांग्रेस की अनुशासन समिति और कांग्रेस विधायक दल (CLP) की बैठकों में विस्तार से चर्चा हुई। दोनों स्तरों पर इन विधायकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई। इसके बाद मामला केंद्रीय नेतृत्व के पास भेजा गया, जहां A. K. Antony की अध्यक्षता वाली अनुशासन समिति ने राज्य इकाई की सिफारिश को मंजूरी देते हुए पांचों विधायकों के निलंबन पर मुहर लगा दी।

अनुशासन से समझौता नहीं

पार्टी के इस फैसले को एक सख्त राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व यह दिखाना चाहता है कि संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी तरह की बगावत या क्रॉस वोटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई का असर आने वाले चुनावों और पार्टी की आंतरिक राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।

सियासी पारा चढ़ा, आगे क्या?

इस फैसले के बाद हरियाणा की सियासत में हलचल और तेज हो गई है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए हैं, जबकि कांग्रेस के अंदर भी इसकी गूंज सुनाई दे रही है। अब देखना होगा कि निलंबित विधायक इस पर क्या रुख अपनाते हैं और पार्टी इस मामले को आगे किस दिशा में ले जाती है।

आगरा मेयर हेमलता दिवाकर का प्रोफाइल भी चर्चा में

इसी बीच आगरा की महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह भी सुर्खियों में हैं। Hemlata Diwakar भारतीय जनता पार्टी की प्रमुख महिला नेता हैं। उन्होंने 2012 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन हार के बाद 2016 में भाजपा जॉइन कर ली। 2017 से 2022 तक वह आगरा ग्रामीण से विधायक रहीं और 2023 में मेयर चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की। उनकी संपत्ति करीब 5.13 करोड़ रुपये आंकी गई है और वे शिक्षा के क्षेत्र में ग्रेजुएट व बीएड हैं।

Location :  Haryana

Published :  16 April 2026, 4:41 PM IST

Advertisement