बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में राजनीति का विरोध, ABVP और NSUI के छात्र भिड़े; माहौल गरम

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि मनाने को लेकर भारी विवाद हो गया। इस दौरान सपा छात्र सभा और एनएसयूआई के कार्यकर्ता विवादित परिस्थितियों में भिड़े। स्थिति की गंभीरता बढ़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 12 October 2025, 1:41 PM IST
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Jhansi: बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी में मंगलवार को एक अप्रत्याशित घटना घटित हुई, जब मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि के अवसर पर सपा छात्र सभा और एनएसयूआई के छात्रों और कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हो गई। यह घटना यूनिवर्सिटी परिसर से बाहर तक फैल गई और छात्र संगठनों के बीच तनाव बढ़ गया।

मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि समारोह का आयोजन

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के भीतर मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में सपा छात्र सभा और एनएसयूआई के छात्रों और कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या शामिल थी। कार्यक्रम में पूर्व गरौठा विधायक दीपनारायण सिंह यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य भी शामिल हुए थे। जैसे ही यह कार्यक्रम शुरू हुआ, राजनीतिक माहौल गर्म हो गया और वहां उपस्थित छात्रों में तीव्र आक्रोश देखने को मिला।

Bundelkhand University

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में बवाल

ABVP का विरोध और बवाल की शुरुआत

कार्यक्रम में जुटे छात्रों की तरफ से जब मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि मनाने की शुरुआत की गई, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के छात्र और कार्यकर्ता वहां पहुंचे। ABVP ने इस कार्यक्रम को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया और इस आयोजन का विरोध करना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि इस कार्यक्रम का कोई शैक्षणिक संबंध नहीं है और यह पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। इस विरोध के चलते वहां तनाव का माहौल बन गया।

7 आरोपी गिरफ्तार

झांसी के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में हुए बवाल के बाद पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह घटना विश्वविद्यालय परिसर में तनाव के कारण हुई। समाजवादी पार्टी के पूर्व राज्यसभा सदस्य डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव ने इस कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त करते हुए इसे एकतरफा बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन पर विश्वास था, लेकिन आरोपियों को बिना उचित जांच और न्यायसंगत प्रक्रिया के गिरफ्तार किया गया। उनका कहना था कि ऐसे कदम सामाजिक न्याय के खिलाफ हैं और दोषियों के खिलाफ उचित जांच होनी चाहिए।

बवाल और मारपीट

विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति बहुत ही बिगड़ गई, जब ABVP के छात्रों और कार्यकर्ताओं ने सपा छात्र सभा और एनएसयूआई के छात्रों के साथ हाथापाई शुरू कर दी। दोनों पक्षों के बीच यह हिंसक झड़प इतनी बढ़ी कि कई छात्र घायल हो गए। इस झड़प में कई छात्र गंभीर रूप से चोटिल भी हुए, जिसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया।

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पुलिस और सुरक्षाकर्मियों का हस्तक्षेप

जब स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखी, तो पुलिस और यूनिवर्सिटी के सुरक्षाकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद भी दोनों पक्षों के छात्र और कार्यकर्ता भिड़ते रहे। पुलिस को बड़ी मशक्कत के बाद कुछ हद तक स्थिति नियंत्रित करने में सफलता मिली।

विरोध की राजनीति और शैक्षिक माहौल

यह पूरा घटनाक्रम उन परिस्थितियों को उजागर करता है, जहां विश्वविद्यालय परिसरों में राजनीति का हस्तक्षेप बढ़ रहा है। छात्रों के बीच इन संघर्षों का सीधा असर शैक्षिक माहौल पर पड़ता है, और यह महत्वपूर्ण है कि विश्वविद्यालयों में राजनीति का खेल छात्रों की पढ़ाई और शैक्षिक गतिविधियों को प्रभावित न करे।

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नेताओं का हस्तक्षेप

घटनास्थल पर पहुंचे पूर्व गरौठा विधायक दीपनारायण सिंह यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन छात्रों के बीच का तनाव कम नहीं हो सका। इन नेताओं ने छात्र संघर्ष को समझाने की कोशिश की, लेकिन राजनीतिक विरोध की भावना के चलते उनका प्रयास व्यर्थ गया।

पुलिस का बयान

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थिति पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया गया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

Location : 
  • Jhansi

Published : 
  • 12 October 2025, 1:41 PM IST

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