आबकारी केस में नया मोड़: केजरीवाल कल हाईकोर्ट में रखेंगे पक्ष… सुनवाई से पहले बड़ा अपडेट

दिल्ली के कथित शराब घोटाले मामले में अरविंद केजरीवाल समेत कई अन्य आरोपियों ने बड़ा कदम उठाया है। सभी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के सामने सुनवाई से खुद को अलग करने (recusal) की मांग करते हुए अर्जी दाखिल की है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 5 April 2026, 11:24 PM IST
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New Delhi: दिल्ली आबकारी नीति मामला अब एक नए और अहम मोड़ पर पहुंच गया है। लोअर कोर्ट से बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने बड़ा कानूनी दांव चलते हुए दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अदालत में याचिका दाखिल की है। इस याचिका में उन्होंने मामले की सुनवाई जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच से हटाकर किसी दूसरी पीठ को सौंपने की मांग की है।

सुनवाई से पहले बड़ा कानूनी कदम

यह याचिका ऐसे समय पर आई है जब मामला निर्णायक दौर में पहुंच चुका है। आम आदमी पार्टी की लीगल टीम के अनुसार, अरविंद केजरीवाल सोमवार को कोर्ट में पेश हो सकते हैं और खास बात यह है कि वे खुद अपना पक्ष अदालत के सामने रख सकते हैं। इस वजह से आने वाली सुनवाई को काफी अहम माना जा रहा है। दरअसल, हाईकोर्ट में केंद्रीय जांच ब्यूरो की उस याचिका पर सुनवाई होनी है। जिसमें ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है।

CBI और ED की याचिकाओं से बढ़ी सियासी हलचल

सीबीआई ने अपनी याचिका में सभी आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को गलत ठहराते हुए उसे पलटने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय ने भी अदालत में अलग से याचिका दाखिल कर लोअर कोर्ट की उन टिप्पणियों पर आपत्ति जताई है। यह जांच एजेंसियों के खिलाफ की गई थीं। ईडी के अफसर ने बताया कि ये टिप्पणियां बिना उनका पक्ष सुने की गईं और यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।

कोर्ट ने दिया आखिरी मौका

ईडी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम अवसर दिया है। अदालत ने 22 अप्रैल तक की समयसीमा तय करते हुए साफ कहा कि अगर इस अवधि में जवाब दाखिल नहीं किया गया तो प्रतिवादियों के अधिकार सीमित किए जा सकते हैं। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की इस टिप्पणी ने मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।

इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में वही ट्रायल कोर्ट का फैसला है। जिसमें केजरीवाल और सिसोदिया को राहत मिली थी। अब सीबीआई उस फैसले को पलटवाने की कोशिश कर रही है, जबकि ईडी अदालत की टिप्पणियों को हटाने की मांग कर रही है। फिलहाल इस मामले में अगली सुनवाई 22 अप्रैल को तय की गई है। जहां यह साफ होगा कि प्रतिवादी अपना जवाब दाखिल करते हैं या नहीं और केस किस दिशा में आगे बढ़ेगा।

Location :  New Delhi

Published :  5 April 2026, 11:24 PM IST

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