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आग
Gorakhpur: जिले के गोला थाना क्षेत्र के तिरा गांव के विजुलियाडाड में रविवार दोपहर एक ऐसी घटना सामने आई। जिसने पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी फैला दी। अज्ञात कारणों से अचानक लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। तेज हवाओं ने आग को और खतरनाक बना दिया। जिससे लपटें तेजी से एक खेत से दूसरे खेत तक फैलती चली गईं। खेतों से उठता धुआं और आग की ऊंची लपटें देखकर ग्रामीण घबरा गए और मौके की ओर दौड़ पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे। तब तक आग कई खेतों को अपनी चपेट में ले चुकी थी। हालात इतने गंभीर थे कि लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि पहले क्या बचाएं। इसके बावजूद गांव के लोगों ने हिम्मत नहीं हारी और बाल्टियों, पाइप और उपलब्ध संसाधनों के जरिए आग बुझाने में जुट गए। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू तो पा लिया गया लेकिन तब तक किसानों का भारी नुकसान हो चुका था।
इस हादसे में मन्नीपुर निवासी गंगा राय की करीब 60 डिसमिल गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर राख हो गई। वहीं श्याम यादव की लगभग 20 डिसमिल और जोखन की करीब 10 डिसमिल फसल भी आग की भेंट चढ़ गई। बृजेश राय की 10 डिसमिल खड़ी फसल भी इस आग में पूरी तरह नष्ट हो गई।
एक ही झटके में किसानों की महीनों की मेहनत खत्म हो गई, जिससे वे गहरे सदमे में हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो नुकसान और भी भयावह हो सकता था। फिलहाल आग लगने के कारणों का कोई स्पष्ट पता नहीं चल सका है, जिससे इलाके में चिंता का माहौल बना हुआ है।
घटना के बाद पीड़ित किसानों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और इस तरह की घटनाएं उन्हें सीधे आर्थिक संकट में धकेल देती हैं।
प्रशासनिक टीम के मौके पर पहुंचने और जांच के बाद ही आग लगने के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि अचानक आने वाली आपदाओं के सामने किसान कितने असुरक्षित हैं।
Location : Gorakhpur
Published : 5 April 2026, 10:32 PM IST