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बेटी का कहना है कि बचपन में मिले इस अत्यधिक सुरक्षात्मक माहौल की वजह से आज जब बाहर की दुनिया में कोई उस पर आवाज़ ऊंची करता है, तो वह खुद को संभाल नहीं पाती और रो पड़ती है। लोग उसे कमजोर समझने की भूल करते हैं, जबकि असलियत यह है कि उसकी परवरिश इतने लाड-प्यार में हुई है कि उसने कभी खुद के लिए लड़ना सीखा ही नहीं। (Img- Pinterest)
Published : 6 August 2026, 3:56 PM IST