हिंदी
बेटी भावुक होते हुए कहती है कि बचपन में जब भी कोई उस पर गुस्सा करता या चिल्लाता था, तो उसके पिता हमेशा ढाल बनकर खड़े हो जाते थे। उसे जो भी चाहिए होता था, पिता तुरंत दिला देते थे। लेकिन पिता ने उसे यह कभी नहीं सिखाया कि बड़े होने के बाद जब पापा साथ नहीं होंगे, तब इस निष्ठुर दुनिया में अकेले कैसे सर्वाइव करना होगा। (Img- Pinterest)
Published : 6 August 2026, 3:56 PM IST