सुबह उठते ही आती है खट्टी डकार? इसे न समझें मामूली एसिडिटी, हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां
सुबह उठते ही मुंह का स्वाद खट्टा होना या बार-बार खट्टी डकार आना सिर्फ एसिडिटी नहीं, बल्कि एसिड रिफ्लक्स या पेट में इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है। जानिए इसके मुख्य कारण, लक्षण और राहत पाने के आसान घरेलू उपाय
सुबह उठते ही अगर मुंह में खट्टा या कड़वा स्वाद महसूस हो, बार-बार खट्टी डकार आए और पेट व सीने में जलन बनी रहे, तो इसे सामान्य एसिडिटी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह शरीर के पाचन तंत्र में गड़बड़ी, एसिड रिफ्लक्स (GERD), पेट में बैक्टीरियल इन्फेक्शन या लिवर से जुड़ी समस्याओं का शुरुआती संकेत हो सकता है। खराब खानपान, देर रात तक जागना और मानसिक तनाव जैसी आदतें इस परेशानी को तेजी से बढ़ाती हैं। (Img- Internet)
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चिकित्सकों के अनुसार, जब पेट में भोजन पचाने वाला हाइड्रोक्लोरिक एसिड जरूरत से ज्यादा बनने लगता है या खाना ठीक से नहीं पच पाता, तो यह एसिड ऊपर की ओर भोजन नली (Food Pipe) में आ जाता है। आधुनिक चिकित्सा में इसे एसिड रिफ्लक्स या गर्ड (GERD) कहा जाता है, जबकि आयुर्वेद में इसे शरीर में बढ़े हुए 'पित्त दोष' का असर माना जाता है। इसके कारण सीने में जलन और गैस जैसी समस्याएं होने लगती हैं। (Img- Internet)
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आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब लाइफस्टाइल इस समस्या की सबसे बड़ी वजह बनकर उभरी है। देर रात तक तला-भुना या ज्यादा मसालेदार भोजन करना, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, धूम्रपान, जल्दी-जल्दी खाना और खाने के तुरंत बाद सीधे बिस्तर पर लेट जाना पेट का पीएच (pH) लेवल बिगाड़ देता है। पर्याप्त नींद न लेना और हर समय तनाव में रहना भी पाचन क्रिया को धीमा कर देता है, जिससे खट्टी डकारें आने लगती हैं। (Img- Internet)
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कुछ मामलों में बार-बार आने वाली खट्टी डकार पेट में 'एच. पाइलोरी' (H. pylori) नाम के बैक्टीरिया के इन्फेक्शन की ओर इशारा करती है। इसके कारण बदबूदार डकार, पेट फूलना और ब्लोटिंग की शिकायत होती है। इसके अलावा इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम (IBS) और लैक्टोज इनटोलरेंस भी इसकी वजह बन सकते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, अगर खट्टी डकार के साथ पेट दर्द, उल्टी, दस्त या वजन कम होने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत जांच करानी चाहिए। (Img- Internet)
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आयुर्वेद में इस समस्या से निपटने के बेहद सरल उपाय बताए गए हैं। भोजन के बाद सौंफ और मिश्री चबाने से पाचन बेहतर होता है। सुबह खाली पेट नारियल पानी पीना पेट के एसिड को नियंत्रित रखता है। इसके अलावा, एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि रात में हमेशा बाईं करवट (Left Side) सोएं, खाने के तुरंत बाद न लेटें बल्कि थोड़ी देर टहलें, और एक बार में ज्यादा खाने के बजाय छोटे-छोटे हिस्सों में भोजन करें। (Img- Internet)