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त्रिवेणी संगम प्रयागराज की पहचान है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का यह संगम धार्मिक और आध्यात्मिक नज़रिए से बहुत कीमती है। माघ मेले के दौरान संगम के किनारे भक्तों की भीड़ उमड़ती है। नाव की सवारी और सूर्यास्त के समय संगम का नज़ारा एक अनोखा अनुभव देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहां डुबकी लगाने से पाप धुल जाते हैं और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है। (Img: Google)
त्रिवेणी संगम प्रयागराज की पहचान है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का यह संगम धार्मिक और आध्यात्मिक नज़रिए से बहुत कीमती है। माघ मेले के दौरान संगम के किनारे भक्तों की भीड़ उमड़ती है। नाव की सवारी और सूर्यास्त के समय संगम का नज़ारा एक अनोखा अनुभव देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यहां डुबकी लगाने से पाप धुल जाते हैं और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है। (Img: Google)