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आजकल वजन घटाने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग का चलन तेजी से बढ़ा है। कई लोग इसे चमत्कारी उपाय मानते हैं, लेकिन हाल ही में प्रकाशित एक बड़ी स्टडी ने इस धारणा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह रिसर्च प्रतिष्ठित संस्था Cochrane द्वारा की गई, जिसमें यूरोप, उत्तरी अमेरिका, चीन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका के 1,995 वयस्कों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में पाया गया कि इंटरमिटेंट फास्टिंग से वजन में कमी तो होती है, लेकिन यह पारंपरिक संतुलित डाइट से अधिक प्रभावी नहीं है। (Img: Google)
आजकल वजन घटाने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग का चलन तेजी से बढ़ा है। कई लोग इसे चमत्कारी उपाय मानते हैं, लेकिन हाल ही में प्रकाशित एक बड़ी स्टडी ने इस धारणा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह रिसर्च प्रतिष्ठित संस्था Cochrane द्वारा की गई, जिसमें यूरोप, उत्तरी अमेरिका, चीन, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका के 1,995 वयस्कों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। अध्ययन में पाया गया कि इंटरमिटेंट फास्टिंग से वजन में कमी तो होती है, लेकिन यह पारंपरिक संतुलित डाइट से अधिक प्रभावी नहीं है। (Img: Google)