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अध्ययन में कई तरह की फास्टिंग पद्धतियों को शामिल किया गया, जैसे हर दूसरे दिन उपवास, 5:2 डाइट (हफ्ते में दो दिन कम कैलोरी लेना) और टाइम-रिस्ट्रिक्टेड ईटिंग, जिसमें दिन के तय घंटों में ही भोजन किया जाता है। नतीजों से स्पष्ट हुआ कि इनमें से कोई भी तरीका सामान्य डाइट प्लान से ज्यादा प्रभावी साबित नहीं हुआ। यानी केवल खाने का समय बदल देने से बड़े परिणाम मिलना तय नहीं है। (Img: Google)
अध्ययन में कई तरह की फास्टिंग पद्धतियों को शामिल किया गया, जैसे हर दूसरे दिन उपवास, 5:2 डाइट (हफ्ते में दो दिन कम कैलोरी लेना) और टाइम-रिस्ट्रिक्टेड ईटिंग, जिसमें दिन के तय घंटों में ही भोजन किया जाता है। नतीजों से स्पष्ट हुआ कि इनमें से कोई भी तरीका सामान्य डाइट प्लान से ज्यादा प्रभावी साबित नहीं हुआ। यानी केवल खाने का समय बदल देने से बड़े परिणाम मिलना तय नहीं है। (Img: Google)