अमरूद पौष्टिक फल है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह हानिकारक भी हो सकता है। संवेदनशील पाचन, IBS, डायबिटीज, त्वचा की संवेदनशीलता और श्वसन संबंधी समस्याओं वाले लोग इसे खाने से परहेज करें। अगर अमरूद खाने के बाद पेट दर्द, दस्त, खुजली या खांसी जैसी समस्याएं हों तो इसे सीमित या बंद करना बेहतर है। अपने शरीर की प्रतिक्रिया को समझना ही स्वास्थ्य का सही मार्ग है।

अमरूद देखने में छोटा और साधारण फल लग सकता है, लेकिन इसमें बहुत ज्यादा न्यूट्रिशन होता है। इसमें विटामिन C, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और नैचुरल एनर्जी बढ़ाने वाली चीजें भरपूर होती हैं। यह डाइजेशन को बेहतर बनाने, इम्यूनिटी को मज़बूत करने, दिल की सेहत बनाए रखने और स्किन को बेहतर बनाने में मदद करता है। हालांकि, यह फल कुछ लोगों के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। (Img: Google)
अमरूद में फाइबर बहुत ज़्यादा होता है और इसके सख्त बीज पचाने में मुश्किल हो सकते हैं। जिन लोगों को गैस, एसिडिटी, ब्लोटिंग या इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) की समस्या है, उनके लिए ज़्यादा फाइबर आंतों में जलन पैदा कर सकता है। इन लोगों को अमरूद खाने के बाद पेट में दर्द, ऐंठन या डायरिया हो सकता है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि खराब डाइजेशन वाले लोग अमरूद के बीज निकाल दें या कम मात्रा में अमरूद खाएं। (Img: Google)
अमरूद में नैचुरल शुगर होती है। टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों के लिए, यह ब्लड ग्लूकोज बढ़ा सकता है। खासकर, पका हुआ अमरूद या उसका जूस पीने से शुगर बढ़ने का खतरा होता है। खाली पेट खाने पर ग्लूकोज तेज़ी से एब्जॉर्ब होता है। इसलिए, डायबिटीज के मरीजों को अमरूद कम मात्रा में खाना चाहिए और डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लेनी चाहिए। (Img: Google)
कुछ लोगों में अमरूद खाने से खुजली, रैशेज या एक्जिमा जैसे रिएक्शन हो सकते हैं। यह शरीर की अंदरूनी गर्मी बढ़ाता है, जिससे सेंसिटिव स्किन पर जलन और सूजन हो जाती है। इसके अलावा, अमरूद एक ठंडा फल है और कुछ लोगों में खांसी, बलगम या गले में खराश बढ़ा सकता है। खासकर सर्दियों में या रात में इसका सेवन करने से ये दिक्कतें और बढ़ सकती हैं। (Img: Google)
अमरूद एक पौष्टिक फल है, लेकिन हर व्यक्ति की सेहत और पाचन क्षमता अलग-अलग होती है। अगर इसे खाने के बाद आपको पेट में दर्द, सूजन, खुजली या बेचैनी महसूस हो, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें। अपने शरीर के संकेतों को पहचानने के बाद ही अमरूद खाएं। सही जानकारी और जागरूकता के साथ लिया गया फैसला लंबे समय तक हेल्दी रहने की चाबी है। (Img: Google)