झारखंड में जंगली फूल बना ज़हर! एक ही परिवार के चार बच्चे अस्पताल में भर्ती, हालत नाज़ुक

झारखंड के साहिबगंज जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जंगली फूल खाने से एक ही परिवार के चार बच्चों की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। यह घटना जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत सोलबंदा गांव की है। फिलहाल चारों बच्चों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें रखा गया है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 20 July 2025, 7:35 PM IST
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Sahibganj (Jharkhand): झारखंड के साहिबगंज जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जंगली फूल खाने से एक ही परिवार के चार बच्चों की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। यह घटना जिरवाबाड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत सोलबंदा गांव की है। फिलहाल चारों बच्चों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें रखा गया है।

जानिए क्या है पूरा मामला

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, सोलबंदा गांव निवासी मनोहर मुसहर के दो पुत्र  विष्णु कुमार (8) और कार्तिक कुमार (7)  तथा सदानंद की दो पुत्रियाँ  नैना कुमारी (15) और रवीना कुमारी (10) परिजनों के साथ खेत में गए हुए थे। परिजन खेत में रोपाई के काम में व्यस्त थे, जबकि बच्चे पास में ही खेल रहे थे।

सभी पहुंचे साहिबगंज सदर अस्पताल

इसी दौरान रास्ते में बच्चों को एक छतरी जैसा जंगली फूल दिखा जिसे उन्होंने मशरूम (खुम्बी) समझ लिया और उसे तोड़कर घर ले आए। घर पहुँचते ही चारों बच्चों ने मिलकर वह जंगली फूल खा लिया। कुछ ही देर में सभी बच्चों को उल्टी, चक्कर और बेहोशी की शिकायत होने लगी। परिजन घबराए और तुरंत सभी को लेकर साहिबगंज सदर अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चों ने जहरीले जंगली फूल का सेवन किया था, जो पेट और मस्तिष्क पर प्रभाव डालता है। फिलहाल सभी की हालत गंभीर बनी हुई है लेकिन इलाज जारी है और स्थिति स्थिर करने की कोशिश की जा रही है।

बच्चों की मां सुलेखा देवी ने दी ये जानकारी 

बच्चों की मां सुलेखा देवी और दादी सबिया देवी ने बताया कि बच्चों को जंगली चीजों के बारे में जानकारी नहीं थी। वो इसे मशरूम समझकर ले आए और खाने के बाद सबकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।

चिंता और भय का माहौल

इस घटना ने गांव में चिंता और भय का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे जहरीले पौधों की पहचान कर गांव के बच्चों को जागरूक किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो। यह मामला बताता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा और प्राकृतिक ज्ञान की कमी आज भी जानलेवा हो सकती है।

Location :  Jharkhand

Published :  20 July 2025, 7:35 PM IST

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