जगन्नाथ मंदिर में रखे खजाने का जल्द खुलेगा राज, 48 साल बाद शुरू हुआ ये काम

ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर पुरी के रत्न भंडार की इन्वेंट्री 25 मार्च से कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो रही है। करीब 1978 के बाद पहली बार खजाने की गिनती और सत्यापन किया जाएगा। इस दौरान वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और 3D मैपिंग से पूरा रिकॉर्ड तैयार होगा।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 25 March 2026, 5:56 PM IST
google-preferred

Puri: ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में रखे बहुमूल्य खजाने की सूची बनाने का लंबे समय से इंतजार खत्म होने जा रहा है। बुधवार से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस अहम प्रक्रिया की शुरुआत होगी। अधिकारियों के मुताबिक, इन्वेंट्री टीम के प्रवेश के लिए दोपहर 12:09 बजे से 1:45 बजे तक का शुभ मुहूर्त तय किया गया है। इसी समयावधि में बहु-स्तरीय सुरक्षा घेरे के भीतर आभूषणों और कीमती वस्तुओं की गिनती और सत्यापन का काम किया जाएगा।

1978 के बाद पहली बार होगी गिनती

इससे पहले रत्न भंडार की आखिरी इन्वेंट्री 13 मई से 23 जुलाई, 1978 के बीच की गई थी। करीब पांच दशकों बाद फिर से यह प्रक्रिया शुरू हो रही है। जिसे लेकर प्रशासन और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। इस बार इन्वेंट्री को पूरी तरह आधुनिक तकनीकों के साथ किया जाएगा। जिससे हर वस्तु का सटीक और पारदर्शी रिकॉर्ड तैयार हो सके।

हाईटेक तकनीक से होगा दस्तावेजीकरण

रत्न भंडार में मौजूद खजाने की गिनती के साथ-साथ वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और 3D मैपिंग भी की जाएगी। शुरुआत में मंदिर की चल संपत्तियों यानी आभूषणों और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद इनका मिलान 1978 में तैयार की गई विस्तृत सूची से किया जाएगा, ताकि किसी भी अंतर या बदलाव का पता चल सके।

दिल्ली के करोल बाग में भीषण हादसा: झंडेवालान मंदिर के पास पलटी डबल डेकर बस, चीख-पुकार के बीच 2 की दर्दनाक मौत

सुरक्षा और संरक्षण के सख्त नियम

मानक प्रक्रिया के तहत सोने के आभूषणों को पीले मखमल के कपड़े में लपेटकर टिन के बक्सों में रखा जाएगा और फिर उन्हें संदूकों में सुरक्षित किया जाएगा। चांदी के आभूषणों को सफेद या चांदी रंग के कपड़े में लपेटा जाएगा। वहीं अन्य कीमती वस्तुओं को लाल मखमल से ढककर सुरक्षित रखा जाएगा। पूरी प्रक्रिया को बेहद सावधानी और सुरक्षा मानकों के साथ अंजाम दिया जाएगा।

विशेषज्ञों की टीम रखेगी नजर

ओडिशा सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार इस कार्य के लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित की गई है। इसमें भारतीय रिजर्व बैंक के दो विशेषज्ञ, यूको बैंक का एक प्रतिनिधि और मंदिर के स्वर्णकार शामिल हैं। ये सभी मिलकर खजाने की जांच, मूल्यांकन और सत्यापन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएंगे।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था

इन्वेंट्री के दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं के दर्शन पर आंशिक पाबंदी रहेगी। हालांकि, भक्त बैरिकेडिंग के बाहर से भगवान के दर्शन कर सकेंगे। प्रशासन के अफसर ने बताया कि व्यवस्था इस तरह बनाई गई है कि धार्मिक गतिविधियां भी जारी रहें और सुरक्षा भी बनी रहे।

Location : 
  • Puri

Published : 
  • 25 March 2026, 5:56 PM IST

Advertisement