Mark Tully Passes Away: नहीं रहे दिग्गज पत्रकार मार्क टली, जानिए उनकी खास बातें

भारत में बीबीसी के पूर्व ब्यूरो चीफ और मूर्धन्य पत्रकार सर मार्क टली का रविवार (25 जनवरी, 2026) को निधन हो गया। उनके निधन से देश और विदेश में पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 25 January 2026, 4:51 PM IST
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New Delhi: वरिष्ठ पत्रकार और लेखक मार्क टली ने रविवार को दुनिया से अलविदा कह दिया। उन्होंने 90 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। उनके निधन से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई।  बीबीसी में उनके पूर्व सहयोगी रहे सतीश जैकब ने उनके निधन की पुष्टि की है।

जानकारी के अनुसार नई दिल्ली के एक निजी अस्पताल में उन्होेंने अंतिम सांस ली। मार्क टली कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और पिछले एक सप्ताह से साउथ दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती थे।

उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो के मुकदमे से लेकर भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या तक को कवर किया था। मीडिया उद्योग की बारीकियों की उनमें गहरी समझ थी। पत्रकारिता के प्रति समर्पण और इंडस्ट्री में हो रहे बदलाव की भी उनमें काफी अच्छी समझ थी।

कलकत्ता में जन्में थे मार्क टली
मार्ट टली का नाम जन्म कलकत्ता में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूलिंग दार्जिलिंग से की थी। ट्रिनिटी हॉल, कैम्ब्रिज से हिस्ट्री और थियोलॉजी में मास्टर्स किया था।उन्होंने दो साल तक फर्स्ट रॉयल ड्रैगून में काम किया और फिर एबेफील्ड सोसाइटी के रीजनल डायरेक्टर बन गए।

1964 में वह BBC में शामिल हुए। वह यहां चार दशकों तक रहे। 1972 से 1994 तक BBC के दिल्ली संवाददाता थे। इस दौरान उन्होंने भारत और दक्षिण एशियाई क्षेत्र से जुड़े कई मुद्दों को बड़े पैमाने पर कवर किया।  उन्होंने कई किताबें लिखी हैं।

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बीबीसी से अलग होने के बाद से वह स्वतंत्र रूप से पत्रकारिता कर रहे थे। 2009 में एक इंटरव्यू में कहा था कि मैं ये नहीं कहूंगा कि मेरा करियर सिर्फ मेरी मेहनत का नतीजा था। इसमें उन्होंने किस्मत और ईश्वर का हाथ माना था। मार्क टली उस दौरा के पत्रकार हैं, जब भारत में टेलीविजन नहीं था। रेडियो सिर्फ सरकार के हाथ में था।

उन्होंने अपनी पहचान का श्रेय बीबीसी को भी दिया था। उन्होंने पत्रकारिता में जाना पहचाना नाम हो जाने को लेकर कहा था कि ऐसा कुछ नहीं है। घमंड होना पत्रकारिता के लिए अच्छा नहीं था। घमंड को सबसे बड़ा पाप बताया था। इसके अलावा उन्होंने भुट्टो की फांसी की स्टोरी की कवर करने को लेकर कहा था कि वो मेरी स्टोरी नहीं थी, वो भुट्टों की स्टोरी थी।

पद्म भूषण से सम्मानित थे मार्क टली

टली को 1975-77 में भारत में आने से प्रतिबंधित कर दिया गया था, जब इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी के दौरान प्रेस पर सेंसरशिप की पाबंदियां लगाई थीं। उन्होंने 2001 में, मार्गरेट से शादी की, जिनसे लंदन में उनके 4 बच्चे हुए। वह भारत में अपनी गर्लफ्रेंड जिलियन राइट के साथ रहते थे। मार्क टली को वर्ष 2002 में नाइटहुड से सम्मानित किया गया था, जबकि भारत सरकार ने उन्हें 2005 में पद्म भूषण से सम्मानित किया था।

भारत पर लिखीं कई किताबें

उन्होंने भारत में लोगों के जीवन और समाज का बहुत करीब से अध्ययन किया था। मार्क टली ने भारत पर कई चर्चित पुस्तकें लिखीं, जिनमें ‘नो फुल स्टॉप्स इन इंडिया’, ‘इंडिया इन स्लो मोशन’, ‘द हार्ट ऑफ इंडिया’, अमृतसर: मिसेज गांधी लास्ट बैटल (1985), इंडियाज अनएंडिंग जर्नी (2008) और द रोड अहेड (2011) प्रमुख हैं. उनकी लेटेस्ट किताब, अपकंट्री टेल्स: वन्स अपॉन ए टाइम इन द हार्ट ऑफ इंडिया (2017), ग्रामीण उत्तर भारत की कहानियों का संकलन है।

 

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 25 January 2026, 4:51 PM IST

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