
लोकसभा में राहुल गांधी का जोरदार भाषण (IMG: Dynamite News)
New Delhi: पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा एक बार फिर संसद के अंदर गरमा गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान युवाओं के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि देश के युवा सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि सम्मान चाहते हैं और पेपर लीक के खिलाफ उनका गुस्सा और आक्रोश जायज है। राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां जो हुआ, उस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए। उन्होंने पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवाओं को देश का भविष्य बताते हुए सरकार पर भी निशाना साधा।
राहुल गांधी ने सदन में कहा कि देश के युवा अपने डर से बाहर आ चुके हैं। उनके मुताबिक, पेपर लीक सिर्फ एक परीक्षा में हुई गड़बड़ी नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर देश के लाखों छात्रों और उनके भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि युवाओं का गुस्सा और आक्रोश जायज है। पेपर लीक के खिलाफ देश का भविष्य सड़कों पर उतर आया है और यह सरकार की नाकामी को दिखाता है।
एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्र परीक्षा और शिक्षा प्रणाली के बारे में बात करते हैं और उनकी चिंताओं को समझना जरूरी है। राहुल गांधी ने कहा कि देश की शिक्षा प्रणाली बहुत महंगी है। ऐसे में गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा हासिल करना और उसके बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होना बड़ी चुनौती है।
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राहुल गांधी के भाषण के दौरान लोकसभा में जोरदार हंगामा देखने को मिला। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार नोकझोंक होती रही। राहुल गांधी ने इस दौरान कहा कि सदन को चलाने की जिम्मेदारी लोकसभा अध्यक्ष की है। राहुल गांधी के मुताबिक, जब वह बोलते हैं तो हंगामा शुरू हो जाता है और जब वह बोल रहे होते हैं तो संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू खड़े हो जाते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि अगर सदन में सिर्फ बीजेपी को ही बोलना है तो वह अपनी सीट पर बैठ जाते हैं। इस दौरान सदन में हंगामा और बढ़ गया।
राहुल गांधी के भाषण के दौरान एक शब्द को लेकर भी विवाद हो गया। स्पीकर ने राहुल गांधी से असंसदीय शब्द को सदन की कार्यवाही से हटाने को कहा। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि वह शब्द बदल देंगे। राहुल गांधी ने इस दौरान कहा कि अगर वह किसी सदस्य के खिलाफ उस शब्द का इस्तेमाल करते तो उसे असंसदीय माना जा सकता था, लेकिन वह सिर्फ एक बात सदन के सामने रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह बोलते हैं तो हंगामा शुरू हो जाता है और जैसे ही वह बोलना शुरू करते हैं, रिजिजू खड़े हो जाते हैं। इसके बाद उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वह फिर से आ गए।
राहुल गांधी ने अपने भाषण में छात्र आंदोलनों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि छात्र अब अपने डर से बाहर आ चुके हैं और अपनी आवाज उठाने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं। पेपर लीक के खिलाफ युवाओं के आंदोलन को समर्थन देते हुए राहुल ने कहा कि देश के भविष्य ने सड़कों पर उतरकर सरकार से सवाल किया है। उनके मुताबिक, सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
राहुल गांधी ने लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह की गैरमौजूदगी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि अगर छात्र अपने सवाल लेकर सामने खड़े हैं और उनके मुद्दे पर सदन में चर्चा हो रही है तो उनके सवालों का जवाब कौन देगा। राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं के मन में कई सवाल हैं। पेपर लीक की घटनाओं से लेकर परीक्षा व्यवस्था तक छात्र सरकार से जवाब चाहते हैं। ऐसे में उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनना जरूरी है।
Location : New Delhi
Published : 29 July 2026, 3:23 PM IST