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शेयर बाजार में एक बड़ा खतरा
New Delhi: शेयर बाजार में निवेश करना आजकल बेहद आसान हो गया है, लेकिन इसके साथ ही स्कैम और धोखाधड़ी के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले कुछ समय से निवेशकों को बड़ा नुकसान पहुंचाने वाली कई योजनाएं सामने आई हैं, जिनमें सबसे प्रमुख है पंप एंड डंप स्कीम। इस स्कैम का खुलासा हाल ही में एक अमेरिकी कंपनी जेन स्ट्रीट के मामले में हुआ था। जिसने फ्यूचर और ऑप्शंस की आड़ में निवेशकों को हजारों करोड़ रुपये का चूना लगाया था।
पंप एंड डंप स्कैम क्या है?
पंप एंड डंप एक प्रकार का वित्तीय धोखाधड़ी (फ्रॉड) है। जिसमें बड़े निवेशक एक खास कंपनी के शेयरों को जानबूझकर बढ़ाते हैं और फिर उसे छोड़कर निकल जाते हैं। यह प्रक्रिया छोटे निवेशकों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है, क्योंकि इसमें उनका पैसा डूब सकता है। इस स्कैम का मुख्य उद्देश्य शेयर की कीमत को एकाएक बढ़ाना और फिर उसे कम करना है।
कैसे काम करता है पंप एंड डंप स्कैम?
इस स्कैम की प्रक्रिया को समझने के लिए सबसे पहले हमें यह जानना होगा कि इसमें कैसे बड़े निवेशक छोटे निवेशकों को फंसाते हैं। पंप एंड डंप स्कीम में बड़े निवेशक पहले किसी पेनी स्टॉक (कम कीमत वाले स्टॉक) को खरीदते हैं। इसके बाद वह सोशल मीडिया जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उस स्टॉक के बारे में प्रचार शुरू कर देते हैं। इससे निवेशकों की रुचि उस स्टॉक में बढ़ने लगती है और धीरे-धीरे उसकी कीमत बढ़ने लगती है। जैसे ही उस स्टॉक की कीमत बढ़ जाती है, बड़े निवेशक अपने शेयरों को बेचकर बाहर निकल जाते हैं। इससे कंपनी की वैल्यू एकाएक गिर जाती है और निवेशकों का पैसा डूब जाता है। यह पूरी प्रक्रिया मार्केट की भाषा में पंप एंड डंप कहलाती है।
क्या होता है निवेशक का नुकसान?
इस स्कैम में खासतौर पर रिटेल निवेशकों को नुकसान होता है। जब छोटे निवेशक किसी कंपनी के शेयरों को महंगे दाम पर खरीदते हैं, तो उन्हें लगता है कि अब वह शेयर और महंगा होगा और उनसे अच्छा मुनाफा मिलेगा। लेकिन जब बड़े निवेशक अपने शेयर बेचकर निकल जाते हैं, तो स्टॉक की कीमत एकाएक गिर जाती है, जिससे रिटेल निवेशक को बड़ा नुकसान होता है।
उदाहरण से समझते हैं
मान लीजिए किसी कंपनी का शेयर पहले 2 रुपये का था। पंप एंड डंप करने वाले बड़े निवेशक उस कंपनी के लाखों शेयर खरीदते हैं और सोशल मीडिया पर उसका प्रचार शुरू कर देते हैं। धीरे-धीरे लोगों को इस शेयर के बारे में जानकारी मिलती है और वे इसमें निवेश करना शुरू कर देते हैं। इसके परिणामस्वरूप शेयर की कीमत बढ़कर 5 रुपये तक पहुँच जाती है। लेकिन जैसे ही बड़ी पूंजी वाले निवेशक (स्कैमर) अपने शेयर बेच देते हैं, कंपनी की वैल्यू कम हो जाती है और शेयर की कीमत गिरकर पहले के 2 रुपये तक पहुंच जाती है। अब वह छोटे निवेशक, जिन्होंने शेयर को उच्च कीमतों पर खरीदा था, उन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है।
पंप एंड डंप स्कीम के खतरे
इस प्रकार की धोखाधड़ी की वजह से निवेशकों की मेहनत की कमाई आसानी से डूब सकती है। शेयर बाजार में निवेश करते वक्त अगर किसी कंपनी की कीमत अचानक से बहुत तेजी से बढ़ रही हो, तो यह एक संकेत हो सकता है कि पंप एंड डंप स्कैम चल रहा है। ऐसे मामलों में निवेशकों को पूरी तरह से सतर्क रहने की आवश्यकता होती है।
सेबी का कदम
सुरक्षा और नियमों को ध्यान में रखते हुए, भारतीय बाजार नियामक संस्था, SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) ने इस प्रकार के स्कैम पर रोक लगाने के लिए कदम उठाए हैं। SEBI ने बड़े निवेशकों पर कड़ी नजर रखने और गलत तरीके से मुनाफा कमाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
Location : New Delhi
Published : 20 July 2025, 3:48 PM IST
Topics : Bank Nifty Indian Stock Market Market Manipulation Pump and Dump SEBI Stock Market Investigation