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संसद का बजट सत्र गुरुवार से शुरू हो गया है। सत्र के पहले ही दिन आज आर्थिक सर्वे पेश किया जाएगा, जिसके बाद आम बजट को लेकर तस्वीर और साफ होगी। इस अहम मौके से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में देश को संबोधित किया और सरकार की नीति, प्राथमिकताओं और आने वाले बड़े संकेतों को स्पष्ट किया।
बजट सत्र से पहले PM Modi का बड़ा संदेश
New Delhi: संसद का बजट सत्र गुरुवार से शुरू हो गया है। सत्र के पहले ही दिन आज आर्थिक सर्वे पेश किया जाएगा, जिसके बाद आम बजट को लेकर तस्वीर और साफ होगी। इस अहम मौके से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में देश को संबोधित किया और सरकार की नीति, प्राथमिकताओं और आने वाले बड़े संकेतों को स्पष्ट किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2026 की शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संसद के दोनों सदनों के सदस्यों के सामने जो अपेक्षाएं रखी हैं, वे अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी सांसदों ने राष्ट्रपति के मार्गदर्शन को गंभीरता से लिया होगा और उसी भावना के साथ बजट सत्र की कार्यवाही में योगदान देंगे। पीएम मोदी ने कहा कि बजट सत्र अपने आप में बेहद अहम होता है, क्योंकि इसमें देश की आर्थिक दिशा तय होती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की पहचान हमेशा से ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ रही है। उन्होंने कहा कि भारत अब पूरी तरह से ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार हो चुका है और इसकी रफ्तार लगातार बढ़ रही है। उन्होंने संकेत दिए कि इस बजट सत्र में भी कुछ बड़े और दूरगामी फैसले देखने को मिल सकते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि आत्मविश्वास से भरा भारत आज न सिर्फ अपने लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए आशा की किरण और आकर्षण का केंद्र बना है। उन्होंने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (India-EU FTA) का उल्लेख करते हुए कहा कि यह डील भारत के युवाओं, किसानों, मछुआरों और सर्विस सेक्टर के लिए बड़े अवसर लेकर आई है।
प्रधानमंत्री ने देश के उत्पादकों और मैन्युफैक्चरर्स से अपील करते हुए कहा कि अब 27 यूरोपीय देशों का बड़ा बाजार भारत के लिए खुल चुका है। ऐसे में हमें केवल मात्रा पर नहीं, बल्कि उत्तम गुणवत्ता पर ध्यान देना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि क्वालिटी के जरिए भारत न सिर्फ पैसा कमाएगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भरोसा भी जीतेगा।
पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज का समय व्यवधान का नहीं, बल्कि समाधान का है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता योजनाओं को फाइलों से निकालकर लोगों के जीवन तक पहुंचाने की रही है। अब इसी सोच के साथ ‘नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म’ को आगे बढ़ाया जाएगा।
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प्रधानमंत्री के इस संबोधन से साफ संकेत मिलते हैं कि बजट सत्र 2026 में आर्थिक सुधार, निवेश, रोजगार और वैश्विक व्यापार से जुड़े अहम ऐलान हो सकते हैं। देश की नजर अब आर्थिक सर्वे और बजट पर टिकी हुई है।