परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी भागीदारी का मसौदा परामर्श के लिए भेजा

परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सीईए द्वारा आयोजित एक अहम कार्यशाला में यह जानकारी सामने आई कि प्रस्तावित एफडीआई नीति को मंजूरी दे दी गई है और अब इसे मंत्रालय परामर्श के लिए भेजा गया है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 18 April 2026, 1:43 PM IST
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New Delhi: भारत ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सीईए द्वारा आयोजित एक अहम कार्यशाला में यह जानकारी सामने आई कि प्रस्तावित एफडीआई नीति को मंजूरी दे दी गई है और अब इसे मंत्रालय परामर्श के लिए भेजा गया है।

यह कार्यशाला बिजली मंत्रालय, डीएई और एनटीपीसी के सहयोग से आयोजित की गई थी, जिसमें परमाणु ऊर्जा के विस्तार और निवेश को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

FDI नीति को मंजूरी

डीएई की सदस्य (वित्त) सीमा जैन ने बताया कि परमाणु ऊर्जा आयोग ने एफडीआई नीति को मंजूरी दे दी है। अब इसे विभिन्न मंत्रालयों के बीच परामर्श के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा, “एफडीआई पहल की प्रक्रिया जारी है और इसका मकसद इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना है।”

सीमा जैन के मुताबिक, परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में पूंजी निवेश सुनिश्चित करने के लिए एक नया फंडिंग मॉडल भी तैयार किया जा रहा है, जिससे अन्य क्षेत्रों के साथ फंडिंग की प्रतिस्पर्धा से बचा जा सके।

2047 तक 100 GW का लक्ष्य

सरकार ने वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इसे हासिल करने के लिए भारी निवेश की आवश्यकता होगी। सीमा जैन ने बताया कि यदि 22 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट की लागत को आधार माना जाए, तो इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए करीब 20 लाख करोड़ रुपये जुटाने होंगे।उन्होंने यह भी कहा कि “फ्लीट मोड” यानी एक ही साइट पर कई रिएक्टर स्थापित करने से मंजूरी प्रक्रिया तेज होगी और पूरे संयंत्र के निर्माण में लगने वाला समय भी कम होगा।

निजी क्षेत्र की धीमी रुचि बनी चिंता

एनटीपीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह ने कहा, “विधेयक पारित होने से पहले इस क्षेत्र में काफी चर्चा और उत्साह था, लेकिन लागू होने के बाद निजी क्षेत्र से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है।” यह संकेत देता है कि नीति स्तर पर बदलाव के बावजूद जमीनी स्तर पर निवेशकों का भरोसा बढ़ाना अभी भी एक चुनौती बना हुआ है।

हर राज्य में परमाणु संयंत्र की तैयारी

केंद्र सरकार ने हर राज्य में कम से कम एक परमाणु संयंत्र स्थल की पहचान करने का निर्देश दिया है। इस दिशा में काम तेज हो गया है और फिलहाल करीब 14 राज्यों के साथ इस पर बातचीत चल रही है।

सरकार का मानना है कि इससे देश में स्वच्छ और स्थिर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी।

Location :  New Delhi

Published :  18 April 2026, 1:43 PM IST

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