लाजपोर जेल में फिर सुरक्षा भेद: आसाराम के बेटे नारायण साई की बैरक से मिला मोबाइल, जानें कैसे हुआ खुलासा?

सूरत की लाजपोर सेंट्रल जेल में फिर बड़ा सुरक्षा उल्लंघन सामने आया है। उम्रकैद की सजा काट रहे नारायण साई की बैरक से मोबाइल फोन, बैटरी और सिम कार्ड बरामद हुआ। फोन को दरवाजे के पीछे चुंबक से चिपकाकर छिपाया गया था। जेल प्रशासन की अचानक की गई तलाशी में खुलासा हुआ।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 29 November 2025, 2:23 PM IST
google-preferred

Surat: गुजरात की सबसे आधुनिक और हाई-टेक जेलों में गिनी जाने वाली सूरत की लाजपोर सेंट्रल जेल एक बार फिर सुरक्षा चूक को लेकर सुर्खियों में हैबलात्कार के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे विवादास्पद धर्मगुरु नारायण साई की बैरक से पुलिस और जेल प्रशासन ने एक और मोबाइल फोन, बैटरी और सिम कार्ड बरामद किया हैजेल प्रशासन की अचानक की गई तलाशी में यह बड़ा खुलासा हुआमामले की गंभीरता देखते हुए तुरंत सचिन पुलिस थाने में नारायण साई के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है

इस तरह मिला छिपा हुआ मोबाइल

जेलर दीपक भाभोर को 27 नवंबर को एक गोपनीय सूचना मिली कि बैरक नंबर-1 में बंद नारायण साई के पास मोबाइल फोन हैसूचना की पुष्टि के लिए जेल की सर्च टीम ने तुरंत छापेमारी कीतलाशी के दौरान टीम को बैरक के लोहे के दरवाजे के पीछे मैग्नेट की मदद से चिपकाया हुआ मोबाइल फोन मिलाफोन की बैटरी और सिम कार्ड पहले से ही अलग कर दिए गए थे, ताकि तलाशी में आसानी से पकड़ाजा सके

जेल कर्मचारियों ने आगे तलाशी करते हुए नारायण साई के बैग से सिम कार्ड, जबकि बैरक में ही एक स्थान पर छिपाई गई बैटरी भी बरामद कर लीजेल अधिकारियों के अनुसार, वह फोन इस्तेमाल करने के बाद अलग-अलग हिस्सों को अलग-अलग जगह छिपा देता था ताकि पकड़े जाने की संभावना कम हो जाए

8 घंटे में हुआ चमत्कार: दिल्ली में मिला बुलंदशहर से लापता बच्चा, पुलिस ने ऐसे बचाई मासूम की जान

एसीपी ने बताया पूरा घटनाक्रम

सूरत पुलिस के एसीपी नीरव गोहिल ने बताया कि 27 नवंबर को मिली सूचना के आधार पर छापेमारी की गईतलाशी में दरवाजे के पीछे मैग्नेट से चिपकाया फोन, सुरक्षा दरवाजे में दबाकर छिपाई बैटरी और इनहेलर के अंदर रखा सिम कार्ड बरामद हुआ। मामले में बीएनएस की धाराएं और जेल मैनुअल के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

फोन अंदर कैसे आया?

वहीं सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी सख्त मानी जाने वाली जेल में यह मोबाइल फोन पहुंचा कैसे? जेल प्रशासन ने शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस से यह जांच भी करने का अनुरोध किया है कि क्या कोई जेल कर्मचारी मिलीभगत में था?क्या फोन विजिटर्स के जरिए अंदर पहुंचा? फोन का उपयोग किस उद्देश्य से किया जा रहा था? इस दिशा में अब तेज जांच शुरू कर दी गई है

Mainpuri News: अगर नहीं हुई कार्रवाई, तो हम करेंगे बड़ा आंदोलन, किसान यूनियन की चेतावनी

11 महीनों में 12 मोबाइल मिलने से चिंता गहरी

नारायण साई की बैरक से मोबाइल बरामद होना पहली बार नहीं हैपिछले 11 महीनों में 12 से अधिक मोबाइल फोन लाजपोर जेल में मिल चुके हैंबार-बार होने वाली इस तरह की घटनाएं जेल सुरक्षा और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैंखासकर जब एक हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील कैदी के पास भी मोबाइल पहुंच रहा हो, तब जांच और भी महत्वपूर्ण हो जाती है

जेल प्रशासन पर बढ़ी जिम्मेदारी

लाजपोर जेल सूत्रों के अनुसार, जेल में फोन आने के कई चैनल हो सकते हैं। जैसे नए कैदियों के जरिए, विजिटर्स द्वारा या कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों की मदद के द्वारा। प्रशासन ने आशंका जताई है कि इस मामले में भी कई परतें खुल सकती हैं, क्योंकि फोन के हिस्सों को जिस तरह अलग-अलग जगह छिपाया गया था, वह एक संगठित प्रयास की ओर इशारा करता है

पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड, डेटा, और फोन के इस्तेमाल की समयावधि की भी जांच करेगीइसके आधार पर यह पता लगाया जाएगा कि फोन किस उद्देश्य से उपयोग किया जा रहा था और किससे संपर्क किया गया था

Location : 
  • Surat

Published : 
  • 29 November 2025, 2:23 PM IST

Advertisement
Advertisement