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मासूम ने मां की गोद में तोड़ा दम (Img: AI Generated Image)
Meghalaya News: मेघालय के पश्चिम खासी हिल्स जिले के डोमक्यरकोह गांव में एक मां अपने बीमार बेटे को बचाने के लिए करीब तीन घंटे तक पैदल चलती रही। बच्चे की हालत बिगड़ने के बाद परिवार ने उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश शुरू की, लेकिन गांव तक वाहन पहुंचाने में सड़क बड़ी बाधा बन गई।
परिवार के मुताबिक, रात में बच्चे की तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद वाहन की व्यवस्था करने की कोशिश की गई। मगर गांव तक जाने वाली सड़क की खराब हालत के कारण चालक वहां आने के लिए तैयार नहीं हुए।
ग्रामीणों के अनुसार, वाहन चालकों ने परिवार से कहा कि बच्चे को पहले करीब 10 किलोमीटर दूर मावडेट गांव तक लेकर आएं। वहां से वाहन मिलने की उम्मीद थी। बच्चे की हालत को देखते हुए परिवार के पास इंतजार करने का समय नहीं था। ऐसे में मां ने अपने बेटे को गोद में उठाया और पैदल ही निकल पड़ी। वह लगातार करीब तीन घंटे तक चलती रही, लेकिन मंजिल तक पहुंचने से पहले ही मासूम की हालत और बिगड़ गई।
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अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्चे ने मां की गोद में दम तोड़ दिया। जिस मां ने बेटे को बचाने के लिए लंबा रास्ता पैदल तय किया, उसी की गोद में उसकी जिंदगी की आखिरी सांसें थम गईं। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। साथ ही, ग्रामीण इलाकों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि दूरदराज इलाकों में खराब सड़कें केवल आने-जाने की परेशानी नहीं हैं। किसी मेडिकल इमरजेंसी में यही समस्या मरीज के लिए बेहद गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। गांव के मुखिया बी. सियेम ने घटना की पुष्टि करते हुए प्रशासन से ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की है।
Location : Meghalaya
Published : 4 October 2026, 9:39 AM IST