Budget Session: लोकसभा में हंगामे पर स्पीकर का कड़ा एक्शन, आठ सांसद निलंबित; देखिये सूची

लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण के दौरान हंगामे और आसन की अवमानना के मामले में स्पीकर ओम बिरला ने बड़ा फैसला लिया। कांग्रेस समेत विपक्ष के सात सांसदों को शेष बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 3 February 2026, 3:28 PM IST

New Delhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण के दौरान सदन में भारी हंगामा देखने को मिला। इस दौरान विपक्षी सांसदों द्वारा टेबल पर चढ़ने और आसन की ओर कागज फेंके जाने की घटनाओं ने संसदीय मर्यादाओं पर सवाल खड़े कर दिए। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।

स्पीकर ओम बिरला ने लिया सख्त फैसला

सदन में बढ़ते हंगामे और आसन की अवमानना को गंभीरता से लेते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कड़ा रुख अपनाया। स्पीकर ने अनुशासनहीनता के आरोप में आठ विपक्षी सांसदों को संसद के शेष बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया। निलंबित सांसद अब मौजूदा सत्र की किसी भी कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकेंगे और वहीं कार्यवाही भी कल यानी बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

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निलंबित सांसदों की सूची

निलंबित किए गए सांसदों में कांग्रेस के एस. वेंकटेशन, प्रशांत पाडोले, गुरजीत सिंह औजला, मणिक्कम टैगोर, हिबी ईडन, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, डीन कुरियाकोस और किरण कुमार रेड्डी शामिल हैं। इन सांसदों पर सदन में कागज उछालने, टेबल पर चढ़ने और आसन की अवमानना करने का आरोप है। स्पीकर ने स्पष्ट किया कि संसद की गरिमा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विपक्ष ने कार्रवाई को बताया दमनात्मक

इस कार्रवाई से पहले कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन सरकार उनके भाषण को रोकने की कोशिश कर रही है। वेणुगोपाल ने चुनौती देते हुए कहा था कि अगर सरकार में हिम्मत है तो विपक्ष के सांसदों को निलंबित करके दिखाए।

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संसद में सियासी टकराव तेज

सांसदों के निलंबन के बाद संसद परिसर में राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कार्रवाई करार दिया है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि यह फैसला संसदीय अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी था। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर सियासी घमासान तेज होने के आसार हैं।

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  • New Delhi

Published : 
  • 3 February 2026, 3:28 PM IST