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कुलदीप सेंगर की बेटी ऐश्वर्या सेंगर ने गृहमंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखकर पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा की मांग की है। ऐश्वर्या ने पत्र में जमानत मिलने पर पीड़िता द्वारा आत्महत्या की धमकी देने का जिक्र किया है। साथ ही उन्होंने मीडिया और न्याय प्रक्रिया में हो रहे दबाव पर भी सवाल उठाए हैं।
कुलदीप सेंगर और बेटी ऐश्वर्या
New Delhi: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप के आरोप में उम्रभर की सजा सुनाई गई है। अब इस मामले में एक नई मोड़ आया है, जब कुलदीप सेंगर की बेटी ऐश्वर्या सेंगर ने गृहमंत्री अमित शाह को एक भावुक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा की मांग की है, जिनका कहना है कि पीड़िता लगातार अपनी जान को खतरे में बताकर आत्महत्या की धमकी दे रही है।
ऐश्वर्या सेंगर ने गृहमंत्री को लिखे पत्र में इस बात की चिंता जताई है कि पीड़िता बार-बार मीडिया और सोशल मीडिया पर बयान दे रही है कि अगर कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत मिलती है या फिर उन्हें रिहा किया जाता है, तो वह आत्महत्या कर लेंगी। ऐश्वर्या का कहना है कि इस प्रकार की धमकियों को लेकर उन्हें डर है कि यदि कोई अप्रत्याशित घटना या दुर्घटना पीड़िता या उसके परिवार के साथ होती है, तो सारे आरोप उनके पिता कुलदीप पर मढ़ दिए जाएंगे।
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पत्र में ऐश्वर्या ने 2018 की उस घटना का उल्लेख किया, जब पीड़िता ने सीएम आवास के सामने आत्मदाह का प्रयास किया था। इस आत्मदाह के प्रयास के बाद मीडिया दबाव में मामले को दर्ज किया गया था, और कुलदीप सेंगर को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 2019 में एक सड़क दुर्घटना का भी जिक्र किया, जिसमें पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो गई थी और उसके रिश्तेदारों की मौत हो गई थी। ऐश्वर्या ने बताया कि सीबीआई, IIT दिल्ली, CFSL और CRRI द्वारा इस दुर्घटना को दुर्घटना ही माना गया था और दिल्ली कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को इस मामले में बरी कर दिया था।
पत्र में ऐश्वर्या सेंगर ने यह भी आरोप लगाया कि मीडिया ने इस मामले को लेकर एक नैरेटिव (कहानी) बनाई, जिससे निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार प्रभावित हुआ। ऐश्वर्या का कहना है कि जैसे ही कोई राहत देने वाला फैसला आता है, उसके बाद विरोध और आंदोलन शुरू हो जाते हैं। इससे उनके परिवार को बहुत मानसिक और भावनात्मक पीड़ा उठानी पड़ती है।
कुलदीप सेंगर के मामले में 23 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत देते हुए उनकी सजा को निलंबित कर दिया था। लेकिन इस फैसले के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने 29 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला कुलदीप सेंगर को जमानत देने के खिलाफ था और यह एक बड़ी राहत पीड़िता के पक्ष में मानी जा रही थी।
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ऐश्वर्या सेंगर ने पत्र में स्पष्ट किया कि वह केवल न्याय और मानवीय संवेदनाओं के लिए इस पत्र को भेज रही हैं। उन्होंने गृहमंत्री से मांग की है कि पीड़िता और उसके परिवार को उचित सुरक्षा दी जाए और मीडिया का दुरुपयोग न होने दिया जाए। ऐश्वर्या ने यह भी बताया कि उनका उद्देश्य किसी तरह की सहानुभूति या सहायता प्राप्त करना नहीं है, बल्कि वह सिर्फ यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष और बिना किसी बाहरी दबाव के चले।