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दिल्ली शराब नीति मामले में कोर्ट से बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक दिखे और इसे राजनीतिक साजिश बताया। अदालत ने CBI की चार्जशीट में ठोस सबूतों की कमी पर कड़ी टिप्पणी की। फैसले के बाद AAP कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है।
कोर्ट से बरी होते ही भावुक हुए केजरीवाल (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: दिल्ली की कथित शराब नीति मामले में बड़ी राहत मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल भावुक नजर आए। अदालत से बरी होने के बाद उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ "पूरी तरह फर्जी केस" बनाया गया था। मीडिया से बात करते हुए उनकी आंखें नम दिखीं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि "सत्य की जीत" है।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनकी पार्टी को खत्म करने के लिए राजनीतिक साजिश रची गई। उन्होंने सीधे तौर पर पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि आजाद भारत का "सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र" रचा गया।
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फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के दफ्तरों में जश्न का माहौल देखने को मिला। पार्टी नेताओं ने कहा कि वे इस बार होली के साथ दिवाली भी मनाएंगे। कार्यकर्ताओं का कहना है कि लंबे संघर्ष और जेल की अवधि के बाद यह ऐतिहासिक राहत मिली है।
केजरीवाल ने कहा कि पार्टी के पांच बड़े नेताओं को जेल भेजा गया। उन्होंने दावा किया कि एक सिटिंग मुख्यमंत्री को उनके घर से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जो देश के इतिहास में अभूतपूर्व है। उन्होंने बताया कि उन्हें छह महीने जेल में रहना पड़ा, जबकि पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को करीब दो साल तक कारावास झेलना पड़ा।
दिल्ली की Rouse Avenue Court ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए केजरीवाल और सिसोदिया को बरी कर दिया। स्पेशल जज Jitendra Singh ने अपने आदेश में कहा कि चार्जशीट में ठोस सबूतों की कमी है।
अदालत ने स्पष्ट कहा कि बिना किसी बुनियादी सबूत के किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को साजिश में शामिल बताना कानून के सिद्धांतों के खिलाफ है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि हजारों पन्नों की चार्जशीट में कई बातें ऐसी थीं जो गवाहों के बयानों से मेल नहीं खातीं।
अदालत ने कहा कि एजेंसी ने साजिश की कहानी गढ़ने की कोशिश की, लेकिन अभियोजन पक्ष की थ्योरी ठोस आधार पर खड़ी नहीं दिखी। जज ने यह भी कहा कि उन्हें कबूलनामे की प्रति तक उपलब्ध नहीं कराई गई, जबकि उन्होंने पहले दिन से इसकी मांग की थी।
कोर्ट ने अप्रूवर के बयानों पर निर्भरता को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। अदालत का कहना था कि अगर बिना पर्याप्त साक्ष्य के किसी आरोपी को माफी देकर अप्रूवर बनाया जाता है और उसके बयान से जांच की कमियों को भरा जाता है, तो यह कानून का गंभीर उल्लंघन हो सकता है।
फैसले के बाद केजरीवाल ने कहा कि टीवी चैनलों पर लगातार उन्हें भ्रष्ट बताया गया और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित था।
अब इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। एक तरफ आम आदमी पार्टी इसे नैतिक जीत बता रही है, तो दूसरी ओर विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाओं का इंतजार है। फिलहाल, AAP खेमे में जश्न का माहौल है और जैसा कि नेताओं ने कहा, इस बार होली के साथ दिवाली भी मनाई जाएगी।