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अवैध पाकिस्तानी नागरिक पर क्राइम ब्रांच का शिकंजा (सोर्स- एक्स)
Jammu: जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच ने राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़े एक बड़े मामले में निर्णायक कार्रवाई की है। स्पेशल क्राइम विंग जम्मू ने जम्मू संभाग के चार प्रमुख जिलों- जम्मू, पुंछ, राजोरी और कठुआ में अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों और फर्जी भारतीय दस्तावेज हासिल करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जांच एजेंसियों ने इन मामलों की गुत्थी सुलझाते हुए संबंधित न्यायालयों में कई मामलों में आरोपपत्र (चालान) दाखिल कर दिए हैं, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
जांच के दायरे में आए ये मामले मुख्य रूप से एफआईआर नंबर 16/2024 के तहत दर्ज किए गए थे। क्राइम ब्रांच के खुलासे के अनुसार पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के कई नागरिक 1970 के दशक के अंतिम वर्षों और उसके बाद वैध यात्रा दस्तावेजों के सहारे भारत में दाखिल हुए थे।
हालांकि, निर्धारित समयावधि समाप्त होने के बाद भी ये लोग वापस नहीं लौटे और जम्मू संभाग के विभिन्न इलाकों में अवैध रूप से शरण लेकर रहने लगे। इस दौरान, इनमें से कई व्यक्तियों पर अपनी मूल विदेशी नागरिकता को चालाकी से छिपाने और धोखाधड़ी के जरिए भारतीय पहचान पत्र हासिल करने का गंभीर आरोप है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि कुछ आरोपियों ने इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के दम पर सरकारी विभागों में नौकरियां तक हासिल कर ली थीं।
क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (SIT) की तहकीकात में यह बात सामने आई कि ये परिवार मूल रूप से पाकिस्तान के सिंध, लाहौर, गुजरांवाला, सरगोधा और पीओके के मीरपुर, रावलकोट तथा कोटली से ताल्लुक रखते थे। ये लोग वर्तमान में जम्मू संभाग के अखनूर, मेंढर, थन्नामंडी, दरहाल और कठुआ क्षेत्रों में बसे हुए थे।
इस साजिश का दायरा सिर्फ विदेशी नागरिकों तक सीमित नहीं था। जांच में जैसे-जैसे कड़ियां जुड़ीं, स्थानीय स्तर पर उनके मददगार भी बेनकाब हो गए। इसके चलते क्राइम ब्रांच ने इन विदेशी नागरिकों के भारतीय जीवनसाथियों, परिवार के अन्य सदस्यों और इस षड्यंत्र में संलिप्त अन्य लोगों को भी आरोपियों की सूची में शामिल करते हुए उनके खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा है।
क्राइम ब्रांच ने चार अलग-अलग जिलों में कुल आठ मामलों की गहराई से जांच पूरी करने के बाद सिलसिलेवार तरीके से अदालतों में चार्जशीट पेश की है-
जम्मू जिला: मुंसिफ जम्मू की अदालत में एक मामले के तहत 8 जीवित और 4 मृत आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया।
पुंछ जिला: दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए कुल 14 जीवित और 5 मृत आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किए गए।
राजोरी जिला: इस संवेदनशील जिले में चार अलग-अलग मामलों के तहत कुल 26 जीवित और 3 मृत आरोपियों के नाम चार्जशीट में जोड़े गए।
कठुआ जिला: यहां स्पेशल मोबाइल मजिस्ट्रेट की अदालत में एक मामले से जुड़े 2 जीवित और 3 मृत आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र प्रस्तुत किया गया।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान कुल 50 जीवित आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की जा चुकी है, जबकि इस नेटवर्क में शामिल 15 ऐसे आरोपी भी सामने आए जिनकी जांच के दौरान मौत हो चुकी है। क्राइम ब्रांच ने मृत आरोपियों की संदिग्ध भूमिका को भी पुख्ता साक्ष्यों के साथ कानूनी रिकॉर्ड का हिस्सा बना लिया है।
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क्राइम ब्रांच ने इस पूरी कार्रवाई को विदेशी अधिनियम, 1946, पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920, पासपोर्ट नियम, 1950 के नियम 6 और रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) के सुसंगत प्रावधानों के तहत अंजाम दिया है। चूंकि मामले अब अदालत के विचाराधीन हैं, इसलिए न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
इस बीच, क्राइम ब्रांच ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई भी विदेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहा है या किसी ने धोखाधड़ी से भारतीय पहचान दस्तावेज प्राप्त किए हैं, तो इसकी गोपनीय सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके।
Location : Jammu
Published : 25 October 2026, 10:29 AM IST