Delhi Riots Case: Delhi Police ने उमर खालिद और शरजील इमाम को बताया ‘Mastermind’, हाईकोर्ट में जमानत का किया विरोध

उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं का विरोध किया है। दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में दाखिल अपने जवाब में दोनों को दंगों की साजिश का मास्टरमाइंड बताया है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 27 August 2026, 6:24 PM IST
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New Delhi: 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं का विरोध किया है। दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में दाखिल अपने जवाब में दोनों को दंगों की साजिश का मास्टरमाइंड बताया है। पुलिस का कहना है कि उसके पास दंगों की योजना बनाने, लोगों को जुटाने और पूरी रणनीति तैयार करने से जुड़े अहम सबूत मौजूद हैं।

यह मामला नागरिकता संशोधन कानून (CAA) विरोधी प्रदर्शनों के दौरान फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों से जुड़ा है। इन हिंसक घटनाओं में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए थे।

पुलिस का दावा- दंगों की साजिश में निभाई अहम भूमिका

31 जुलाई को हुई पिछली सुनवाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर जवाब मांगा था। गुरुवार को सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा कि उमर खालिद और शरजील इमाम दंगों के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल थे।

पुलिस ने कोर्ट को बताया कि दोनों आरोपियों की भूमिका सिर्फ विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं थी, बल्कि दंगों की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में भी उनकी कथित भूमिका रही है। पुलिस ने उनकी नई जमानत याचिकाओं को गलत और अदालत को गुमराह करने वाला बताया।

सुप्रीम कोर्ट पहले ही जमानत देने से कर चुका है इनकार

दिल्ली पुलिस ने अपने जवाब में कहा कि जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले के कुछ सह-आरोपियों को जमानत दी थी, लेकिन उमर खालिद और शरजील इमाम को राहत नहीं दी गई थी।

पुलिस के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने माना था कि इस मामले में दोनों आरोपियों की भूमिका अन्य आरोपियों से अलग है। कोर्ट ने यह भी कहा था कि मामले में यूएपीए की धारा 43D(5) लागू होती है, जिसके तहत जमानत के लिए कड़ी शर्तें होती हैं।

जमानत याचिका पर सुनवाई को लेकर पुलिस ने उठाए सवाल

दिल्ली पुलिस का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में जमानत याचिका दाखिल करने के लिए कुछ शर्तें तय की गई थीं। पुलिस के मुताबिक, या तो अहम गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद या फिर फैसले के एक साल पूरे होने के बाद ही नई जमानत याचिका पर विचार किया जा सकता है।

पुलिस का दावा है कि अभी दोनों में से कोई भी शर्त पूरी नहीं हुई है, इसलिए इस स्तर पर उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई नहीं होनी चाहिए।

2020 दिल्ली दंगा मामले में जेल में बंद हैं दोनों आरोपी

गौरतलब है कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपी गिरफ्तारी के बाद से जेल में बंद हैं। मामले की जांच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल कर रही है।

Location :  New Delhi

Published :  27 August 2026, 6:24 PM IST

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