NEET Controversy: ‘मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करें’, CJP प्रमुख ने सीधे पीएम मोदी के सामने रखी बड़ी मांग!

नीट पेपर लीक विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले 11 छात्रों के परिवारों के लिए 1-1 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 19 June 2026, 3:49 PM IST
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New Delhi: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) को लेकर उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बीच अब छात्रों की कथित आत्महत्या के मामलों ने देश को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर संकट को देखते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बेहद कड़ा पत्र लिखा है। इस पत्र के जरिए उन्होंने सरकार के सामने कई बड़ी और अभूतपूर्व मांगें रख दी हैं, जिससे देश की राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

11 मौतों का दावा और एक करोड़ का मुआवजा

प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में अभिजीत दीपके ने बेहद भावुक और चिंताजनक आंकड़े पेश किए हैं। उन्होंने दावा किया कि नीट परीक्षा में गड़बड़ियों और बार-बार पैदा होने वाली अनिश्चितता के कारण पिछले एक सप्ताह में 11 उम्मीदवारों ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 5 दिल दहला देने वाली घटनाएं महज पिछले 48 घंटों के भीतर दर्ज की गई हैं। दीपके ने पीएम मोदी से मांग की है कि केंद्र सरकार इन पीड़ित परिवारों को तत्काल एक-एक करोड़ रुपये का आर्थिक मुआवजा जारी करे।

कर्ज के जाल में फंसे पीड़ित परिवार

पत्र में उन परिवारों की आर्थिक बर्बादी का भी सजीव चित्रण किया गया है, जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है। दीपके ने लिखा कि वह व्यक्तिगत रूप से ऐसे कई शोकग्रस्त परिवारों से मिले हैं। इन मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों ने अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने के सपने को पूरा करने के लिए भारी-भरकम एजुकेशनल लोन (शैक्षणिक ऋण) लिए थे या अपनी जीवनभर की गाढ़ी कमाई दांव पर लगा दी थी। व्यवस्था की विफलता के कारण बच्चे भी चले गए और अब ये परिवार कर्ज के नीचे दबकर पूरी तरह बेसहारा हो चुके हैं।

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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग

अभिजीत दीपके ने सीधे तौर पर इस पूरी विफलता के लिए जवाबदेही तय करने की वकालत की है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें तुरंत पद से बर्खास्त करने की मांग को दोबारा दोहराया है। पत्र में लिखा गया है कि उनकी पार्टी पिछले एक महीने से शिक्षा मंत्री के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही है और जब तक शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक छात्रों का देश की शिक्षा प्रणाली पर भरोसा बहाल नहीं हो पाएगा।

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सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच और 'नो-लोन रिकवरी' की मांग

प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में राजनीतिक और वित्तीय मांगों के साथ-साथ एक और दूरगामी मांग जोड़ी गई है। छात्र संगठन के प्रमुख ने पीएम मोदी से आग्रह किया है कि जिन छात्रों ने इस परीक्षा विवाद के चलते अपनी जान गंवाई है, उनके द्वारा लिए गए सभी एजुकेशनल लोन को बैंकों के माध्यम से तुरंत 'माफ' (Write off) घोषित किया जाए और रिकवरी पर पूर्ण रोक लगे। इसके साथ ही, उन्होंने मांग की है कि भविष्य में पेपर लीक को पूरी तरह रोकने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक कड़ा कानून बने और मौजूदा धांधली की जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में कराई जाए।

Location :  New Delhi

Published :  19 June 2026, 3:49 PM IST

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