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दिल्ली में आज सुबह 8:44 बजे भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। NCS के मुताबिक तीव्रता 2.8 थी और केंद्र उत्तरी दिल्ली में 5 किमी गहराई पर था। कोई नुकसान नहीं हुआ। दिल्ली सिस्मिक जोन-IV में आती है, इसलिए विशेषज्ञ सतर्क रहने की सलाह देते हैं।
दिल्ली में भूकंप के झटके (img Source: Google)
New Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में आज सुबह लोगों को भूकंप के हल्के झटके महसूस हुए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप सुबह 8 बजकर 44 मिनट पर आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 मापी गई। राहत की बात यह रही कि झटके हल्के थे, इसलिए किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
NCS द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, भूकंप 08:44:16 (IST) पर दर्ज किया गया। इसका केंद्र उत्तरी दिल्ली में था और यह जमीन से करीब 5 किलोमीटर की गहराई में उत्पन्न हुआ। हालांकि तीव्रता कम थी, लेकिन उत्तर दिल्ली के कुछ इलाकों में लोगों ने हल्की कंपन और थरथराहट महसूस की। कई लोग एहतियातन घरों से बाहर निकल आए, हालांकि कुछ ही मिनटों में स्थिति सामान्य हो गई।
दिल्ली से पहले 13 जनवरी को उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस समय भूकंप की तीव्रता 3.5 थी और इसका केंद्र कपकोट कस्बे के पास बताया गया था। वहां भी किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली थी। लगातार अलग-अलग राज्यों में आ रहे इन झटकों से लोगों की चिंता जरूर बढ़ी है, खासकर पहाड़ी और भूकंप-संवेदनशील क्षेत्रों में।
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भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर भूकंपीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। दिल्ली सिस्मिक जोन-IV में आती है, जो देश के दूसरे सबसे अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में शामिल है। पिछले 10 वर्षों में दिल्ली में 5.0 या उससे अधिक तीव्रता का कोई बड़ा भूकंप दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन 3 से 4 तीव्रता के छोटे झटके समय-समय पर आते रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भविष्य में 5.5 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आता है, तो दिल्ली में घनी आबादी और बड़ी संख्या में पुरानी इमारतों के कारण भारी नुकसान हो सकता है।
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यह छोटे झटके भले ही नुकसानदायक न हों, लेकिन ये याद दिलाते हैं कि भूकंप जैसी आपदाओं के लिए सतर्क और तैयार रहना जरूरी है।
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