
कांग्रेस नेता जयराम रमेश (IMG: Dynamite News)
New Delhi: अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA की चार्जशीट को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि म्यांमार में सशस्त्र समूहों को प्रशिक्षण देने के आरोप में गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र में गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धाराएं नहीं लगाई गई हैं।
कांग्रेस नेता के मुताबिक NIA ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। जयराम रमेश ने दावा किया कि इस चार्जशीट में UAPA की धाराएं नहीं लगाई गई हैं। इसी को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि अगर मामले में आतंकवाद से जुड़े आरोपों की जांच की गई थी तो फिर UAPA के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की गई, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि क्या NIA का यह फैसला उसकी निष्पक्ष जांच का नतीजा है या फिर अमेरिकी अधिकारियों के कहने पर मोदी सरकार के दबाव में ऐसा किया गया। उन्होंने पूछा कि क्या NIA ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक के खिलाफ आतंकवाद से जुड़े आरोपों की सही जांच के बाद उन्हें हटाया या अमेरिकी अधिकारियों के कहने पर सरकार ने तुरंत ऐसा करने के लिए दबाव डाला?
जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में केंद्र सरकार के खिलाफ काफी तीखा रुख अपनाया। उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए इसे 'दादागिरी जैसा' बताया। उनका कहना है कि अगर किसी विदेशी नागरिक के खिलाफ गंभीर आरोपों की जांच चल रही थी, तो कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे में UAPA की धाराएं नहीं लगाए जाने को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
इससे पहले 2 सितंबर को मैथ्यू वैनडाइक के परिवार की ओर से चलाए जा रहे एक एक्स अकाउंट से अमेरिकी सरकार से उनकी रिहाई के लिए राजनयिक हस्तक्षेप की अपील की गई थी। परिवार ने दावा किया था कि मैथ्यू निर्दोष हैं और उन पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। परिवार ने अमेरिकी सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए आरोप लगाया था कि तिहाड़ जेल में मैथ्यू को कैदियों के बुनियादी अधिकार नहीं मिल रहे हैं।
मैथ्यू वैनडाइक मामले में एक तरफ परिवार उनकी बेगुनाही का दावा कर रहा है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस NIA की चार्जशीट में UAPA की धाराएं नहीं लगाए जाने को लेकर केंद्र सरकार से सवाल कर रही है। अब इस मामले में NIA और केंद्र सरकार की आधिकारिक स्थिति महत्वपूर्ण होगी। खास तौर पर यह स्पष्ट होना बाकी है कि आरोपपत्र में किन कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है और UAPA की धाराएं नहीं लगाने के पीछे जांच एजेंसी का कानूनी आधार क्या है।
Location : New Delhi
Published : 9 September 2026, 12:44 PM IST