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अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की कोर्ट में पेशी (Image Source Internet)
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका दिल्ली पुलिस की हिरासत में हैं। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, तीनों नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया गया है। उन्हें दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट (Executive Magistrate) के सामने पेश किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, तीनों नेताओं को पूर्ववर्ती दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 107/151 के तहत हिरासत में रखा गया है। उन्हें कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई एहतियात के तौर पर की गई है।
CrPC की धारा 107 शांति भंग होने की आशंका की स्थिति में संबंधित व्यक्ति से शांति बनाए रखने के लिए बांड भरवाने की कार्यवाही से जुड़ी थी। वहीं, धारा 151 पुलिस को संज्ञेय अपराध किए जाने की आशंका होने पर, निर्धारित कानूनी शर्तों के तहत, उसे रोकने के लिए एहतियाती गिरफ्तारी की शक्ति देती थी।
ऐसी कार्रवाई और किसी मामले में नियमित गिरफ्तारी के बीच कानूनी अंतर होता है। हालांकि, केवल एहतियातन हिरासत बताए जाने से पुलिस की कार्रवाई की वैधता स्वतः साबित नहीं होती। इसके लिए संबंधित परिस्थितियों और अपनाई गई कानूनी प्रक्रिया को देखना जरूरी है।
कानून के तहत गिरफ्तारी के बाद किसी व्यक्ति को सामान्यतः 24 घंटे के भीतर, यात्रा में लगने वाले आवश्यक समय को छोड़कर, मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना होता है। हालांकि, एहतियाती कार्रवाई के हर मामले पर गिरफ्तारी से जुड़े नियम बिल्कुल उसी तरह लागू हों, यह जरूरी नहीं है। CrPC की धारा 107/151 के तहत की गई कार्रवाई में संबंधित कानूनी प्रावधानों और प्रक्रिया को अलग से देखना पड़ता है।
इस मामले में तीनों नेताओं को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने की बात सामने आई है। आगे की कार्रवाई संबंधित अधिकारियों और मजिस्ट्रेट के निर्णय पर निर्भर करेगी।
इससे पहले, कॉकरोच जनता पार्टी के संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर पार्टी के तीनों नेताओं की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी थी।
पत्र के मुताबिक, अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका शनिवार सुबह मुंबई से नई दिल्ली पहुंचे थे। आरोप है कि दिल्ली पहुंचने के बाद पुलिस ने उन्हें विमान के अंदर से ही हिरासत में ले लिया।
CJP का आरोप है कि हिरासत में लिए जाने के 12 घंटे बाद भी तीनों नेताओं के परिजनों को उनकी स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके वकीलों को जानकारी देने से इनकार किया गया।
पार्टी ने पुलिस से कई सवालों के जवाब मांगे हैं। इनमें तीनों नेताओं को कहां रखा गया है, उन्हें एक साथ रखा गया है या अलग-अलग, और किस एजेंसी ने उन्हें हिरासत में लिया है, जैसे सवाल शामिल हैं।
फिलहाल, इस मामले में पार्टी की ओर से लगाए गए आरोपों और पुलिस सूत्रों के बयानों के बीच तीनों नेताओं की हिरासत तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।
Location : New Delhi
Published : 11 October 2026, 9:55 AM IST