अब आगे क्या होगा? अभिजीत दिपके ने कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन रोका

CJP के नेता अभिजीत दीपके ने वीडियो संदेश जारी कर समर्थकों से त्योहारों के दौरान परिवार के साथ समय बिताने की अपील की है। आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत बढ़ने के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या पार्टी का आंदोलन दिवाली तक थम सकता है...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 21 October 2026, 1:11 PM IST
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New Delhi: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के लगातार जारी आंदोलनों पर फिलहाल ब्रेक लगता नजर आ रहा है। बीते पांच महीने से सड़कों पर उतरकर सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलने की अपील करने वाले अभिजीत दिपके ने अब अपने समर्थकों से कुछ समय तक घर में रहने और परिवार के साथ वक्त बिताने को कहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर करीब 16 मिनट का वीडियो संदेश जारी कर यह अपील की। दिपके के इस फैसले के पीछे आशुतोष रांका और सौरव दास का जेल में होना एक बड़ी वजह माना जा रहा है। दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत बढ़ने के बाद पार्टी की आंदोलन संबंधी रणनीति पर भी सवाल उठने लगे हैं।

पांच महीने से लगातार आंदोलन कर रही थी CJP

अभिजीत दिपके की अगुवाई में CJP मई महीने के बाद से लगातार अलग-अलग मुद्दों पर प्रदर्शन करती रही है। पार्टी ने नीट पेपर लीक के मुद्दे पर आंदोलन शुरू किया था और जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई। बाद में इस आंदोलन को पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया गया। इसके बाद CJP ने स्कूल ठीक करो अभियान और आदिवासी स्कूल ठीक करो अभियान जैसे कार्यक्रमों के जरिए अपनी सक्रियता बनाए रखी। पार्टी ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाकर समर्थकों को जोड़ने की कोशिश की। पिछले महीने पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी आंदोलन का ऐलान किया। दिपके की योजना देशभर में विरोध प्रदर्शन कर दबाव बनाने की थी, लेकिन इस बार पार्टी को पहले जैसी सफलता नहीं मिल सकी।

रांका और दास के जेल जाने से बढ़ी मुश्किलें

चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद CJP के सह संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास ने परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की। दोनों नेताओं को पहले पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। बाद में उनकी हिरासत तीन दिन और बढ़ा दी गई। इसके बाद पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दीपके के मुताबिक, CJP के कई आंदोलनों की रणनीति तैयार करने में रांका और दास की अहम भूमिका रही है। ऐसे में दोनों की गैरमौजूदगी का असर पार्टी की आगे की गतिविधियों पर पड़ सकता है।

वीडियो में भावुक हुए दिपके, समर्थकों से की अपील

अपने वीडियो संदेश में अभिजीत दिपके आशुतोष रांका और सौरव दास की अनुपस्थिति का जिक्र करते हुए भावुक नजर आए। उन्होंने समर्थकों से कहा कि आने वाले त्योहारों के दौरान वे अपने परिवार के साथ समय बिताएं। उनका कहना था कि हाल की घटनाओं के बाद समर्थकों के परिजन भी चिंतित होंगे, इसलिए कुछ समय उनके साथ रहना जरूरी है। दिपके ने अपने संदेश में कहा, “मैं चाहता हूं कि आप त्योहारों पर अपनों के साथ रहें, लेकिन सौरव और आशुतोष को भी याद रखें, क्योंकि वे अपने परिवार के पास नहीं जा सकते। अब वे ही हमारा परिवार हैं।” इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि दिपके फिलहाल समर्थकों को लगातार सड़कों पर उतरने के बजाय कुछ समय के लिए घर पर रहने की सलाह दे रहे हैं।

क्या दिवाली तक थम जाएगा CJP का आंदोलन?

दिपके की अपील के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या CJP का आंदोलन दिवाली तक के लिए रोक दिया गया है। हालांकि, उनके संदेश में आंदोलन को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की स्पष्ट घोषणा नहीं है। इसलिए इसे फिलहाल समर्थकों को कुछ समय का विराम देने की अपील के तौर पर देखा जा सकता है।

Location :  New Delhi

Published :  21 October 2026, 1:02 PM IST

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