PM मोदी के पोस्टर पर मचा विवाद पहुंचा हाईकोर्ट, सख्त टिप्पणी के बाद इस अभिनेत्री को मिली बड़ी राहत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आपत्तिजनक पोस्टर को लेकर बंगाली अभिनेत्री के खिलाफ दर्ज मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने पोस्टर पर बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए इसे अशोभनीय बताया, लेकिन अभिनेत्री को फिलहाल गिरफ्तारी से राहत दे दी।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 4 September 2026, 4:08 PM IST
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Kolkata: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आपत्तिजनक चित्रण वाले पोस्टर को लेकर बंगाली अभिनेत्री श्रीलेखा मित्रा मुश्किल में घिर गई थीं। पश्चिम बंगाल के अलग-अलग पुलिस थानों में उनके खिलाफ शिकायतें और एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचा। सुनवाई के दौरान अदालत ने पोस्टर को लेकर कड़ी टिप्पणी की, लेकिन इसी के साथ अभिनेत्री को फिलहाल गिरफ्तारी से राहत भी दे दी।

NEET विरोध प्रदर्शन से शुरू हुआ विवाद

यह पूरा मामला 24 जुलाई को कोलकाता में हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। कथित NEET प्रश्नपत्र लीक के विरोध में छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने मध्य कोलकाता के एस्प्लेनेड इलाके में प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी शामिल थी।

श्रीलेखा मित्रा भी इस प्रदर्शन में पहुंची थीं। इसी दौरान उन्होंने एक पोस्टर हाथ में लेकर तस्वीर खिंचवाई। भाजपा की शिकायत के मुताबिक, पोस्टर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आपत्तिजनक चित्रण किया गया था। इसके बाद उनके खिलाफ अलग-अलग स्थानों पर शिकायतें दर्ज होने लगीं।

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कोर्ट ने पोस्टर पर जताई नाराजगी

एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर अभिनेत्री ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान जज ने पोस्टर में बने कार्टून को लेकर नाराजगी जताई।अदालत ने कहा कि कार्टून का स्वरूप देखकर कोर्ट को गहरा धक्का लगा है। जज ने पोस्टर को अशोभनीय प्रस्तुति बताया और सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री का ऐसा चित्रण सार्वजनिक रूप से क्यों दिखाया गया।

अदालत की टिप्पणी के बाद अभिनेत्री की ओर से पेश वकील विकास रंजन भट्टाचार्य ने भी माना कि पोस्टर की प्रस्तुति अशोभनीय थी। हालांकि, उनका तर्क था कि सिर्फ इस तरह का पोस्टर दिखाने से किसी आपराधिक कानून का उल्लंघन नहीं होता।

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गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

अदालत ने पोस्टर पर नाराजगी जताने के बावजूद श्रीलेखा मित्रा को तत्काल राहत दी। हाईकोर्ट ने कहा कि 24 दिसंबर तक अदालत की अनुमति के बिना उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अगर अभिनेत्री जांच में सहयोग करती हैं तो उन्हें यह सुरक्षा आगे भी मिल सकती है। पुलिस को निर्देश दिया गया कि जांच अधिकारी के सामने पेश होने के लिए उन्हें कम से कम 48 घंटे का नोटिस दिया जाए।

अब आगे क्या होगा?

मामले की अगली सुनवाई के दौरान पुलिस को जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करनी होगी। इस बीच अभिनेत्री को जांच में सहयोग करना होगा। यानी कोर्ट ने पोस्टर को लेकर अपनी नाराजगी स्पष्ट कर दी है, लेकिन फिलहाल गिरफ्तारी जैसी कठोर कार्रवाई से उन्हें सुरक्षा मिल गई है।

Location :  Kolkata

Published :  4 September 2026, 4:08 PM IST

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