गुड़िया से खेलने की उम्र में बनी मां, फिर 7 महीने के बच्चे के लिए पहुंची अदालत… 13 साल की जुई की कहानी ने सबको झकझोर दिया

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में 13 वर्षीय जुई अपने सात महीने के बच्चे को वापस पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ती नजर आईं। रिपोर्ट के मुताबिक, 11 साल की उम्र में उनकी शादी हुई थी। बच्चे को लेकर विवाद के बाद उन्होंने लिगल एड का दरवाजा खटखटाया, जहां अदालत ने बच्चे को मां के पास रखने का आदेश दिया।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 1 August 2026, 3:16 PM IST
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Dhaka:  उम्र महज 13 साल, लेकिन जिम्मेदारियां ऐसी कि किसी बड़े को भी झकझोर दें। बांग्लादेश की राजधानी ढाका से सामने आई एक घटना ने बाल विवाह और कम उम्र में मातृत्व को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 13 वर्षीय अनामिका अख्तर जुई अपने सात महीने के बच्चे को वापस पाने के लिए कानूनी मदद लेने पहुंचीं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने सुनवाई के बाद बच्चे को उसकी मां के पास रखने का आदेश दिया है।

11 साल की उम्र में हुई थी शादी

रिपोर्ट के अनुसार, जुई की पहचान फेसबुक के जरिए शाकिल उर्फ शाकिब मिया से हुई थी। उस समय जुई की उम्र करीब 11 साल बताई गई। दोनों के बीच संबंध बने और बाद में कम उम्र में ही उनका विवाह हो गया।

शादी के बाद जुई ने एक बेटे को जन्म दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद पति और ससुराल पक्ष के साथ विवाद हुआ और सात महीने के बच्चे को मां से अलग कर दिया गया।

बच्चे को पाने के लिए पहुंची लिगल एड

बच्चे से अलग होने के बाद जुई ने हार नहीं मानी। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने 1 जुलाई को ढाका के चीफ लिगल एड कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई और अपने बच्चे को वापस दिलाने की मांग की।

मामले में संबंधित पक्षों को लिगल एड कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया था। उनके उपस्थित न होने के बाद न्यायिक आदेश पर पुलिस ने बच्चे को बरामद किया। इसके बाद बच्चे को लेकर दोनों पक्ष लिगल एड कार्यालय पहुंचे।

 

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अदालत में मां ने कहा- ‘मेरा बेटा’

सुनवाई के दौरान जुई अपने सात महीने के बच्चे के साथ मौजूद थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, जब न्यायाधीश ने उनसे बच्चे के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि वह उनका बेटा है। बच्चे को वापस पाकर जुई ने खुशी भी जताई।

सुनवाई के बाद अदालत ने बच्चे को उसकी मां के पास रखने का आदेश दिया। आगे की सुनवाई के लिए अगली तारीख भी तय की गई।

परिवार ने कम उम्र में शादी का लगाया आरोप

जुई के माता-पिता ने भी कम उम्र में शादी किए जाने पर आपत्ति जताई। रिपोर्ट में जुई के पिता के हवाले से कहा गया है कि वह अपनी बेटी की शादी उसकी पढ़ाई पूरी होने के बाद करना चाहते थे, लेकिन आरोप है कि शाकिल उसे अपने साथ ले गया और बाद में शादी कर ली। वहीं शाकिल ने अपने पक्ष में अलग दावे किए हैं। दोनों पक्षों के आरोप और दावे मामले की कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

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बाल विवाह और बचपन पर गंभीर सवाल

यह घटना सिर्फ एक मां और उसके बच्चे की कानूनी लड़ाई नहीं है, बल्कि कम उम्र में शादी और मातृत्व जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को भी सामने लाती है। जिस उम्र में बच्चों को पढ़ाई, खेल और सुरक्षित बचपन मिलना चाहिए, उसी उम्र में जुई को मां की जिम्मेदारी और कानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ा।

अदालत के आदेश के बाद फिलहाल सात महीने का बच्चा अपनी 13 वर्षीय मां के पास है। मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।

Location :  Dhaka

Published :  1 August 2026, 3:16 PM IST

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