हिंदी
भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम (सोर्स-Pinterest)
New Delhi: “सपने वो नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते।” इन पंक्तियों को अपने जीवन का हर एक पल बनाकर साधारण से शख्सियत से देश के सर्वोच्च शिखर तक पहुंचने वाले भारत के पूर्व राष्ट्रपति और ‘मिसाइल मैन’ डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की आज पुण्यतिथि है। हर साल 27 जुलाई का दिन हमें उस महान वैज्ञानिक और जन-नायक की याद दिलाता है, जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी देश के नाम कर दी और आखिरी सांस तक युवाओं के भविष्य को संवारने का काम किया। आइए, जानते हैं एक साधारण परिवार से निकलकर इतिहास के पन्नों पर स्वर्ण अक्षरों में अपना नाम दर्ज कराने वाले डॉ कलाम के जीवन की प्रेरणादायक कहानी।
तमिलनाडु के रामेश्वरम में 15 अक्टूबर 1931 को जन्मे डॉ. कलाम का बचपन किसी ऐशो-आराम में नहीं बीता। उनका परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर था, जिसके कारण उन्हें अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए बचपन में अखबार तक बांटने पड़े।
लेकिन तंगहाली और कठिन परिस्थितियां भी उनके बुलंद हौसलों को डिगा नहीं पाईं। अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर देश के एक महान वैज्ञानिक बनने के सपने को आखिरकार सच कर दिखाया।
यह भी पढ़ें- ब्रिटिश कैबिनेट में भारतवंशियों का डंका: कनिष्क नारायण बने AI मंत्री, सतवीर और हरप्रीत को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी
डॉ. कलाम ने देश के रक्षा अनुसंधान और अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाइयां दीं। उनके नेतृत्व में भारत ने कई स्वदेशी मिसाइल परियोजनाओं पर काम किया, जिनमें ‘अग्नि’ और ‘पृथ्वी’ जैसी घातक और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मिसाइलें प्रमुख हैं।
उनके विजन और अथक प्रयासों ने भारत की रक्षा क्षमता को वैश्विक स्तर पर एक नई मजबूती दी। देश की इस ताकतवर पहचान में उनके अतुलनीय योगदान के कारण ही उन्हें पूरी दुनिया में ‘मिसाइल मैन ऑफ इंडिया’ के रूप में जाना गया।
साल 2002 में डॉ. कलाम ने भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में देश की कमान संभाली। राष्ट्रपति भवन पहुंचने के बाद भी उनका सादगी भरा अंदाज और बच्चों तथा युवाओं के प्रति प्रेम कभी कम नहीं हुआ।
वे छात्रों और शिक्षकों के बीच बेहद लोकप्रिय रहे और उन्हें हमेशा ‘पीपुल्स प्रेसिडेंट’ (जनता के राष्ट्रपति) का सम्मान मिला। उनका दृढ़ विश्वास था कि देश का असली भविष्य राजनेताओं से ज्यादा देश के युवा तय करते हैं, इसलिए वे हर मंच से युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा देते थे।
यह भी पढ़ें- मीराबाई चानू ने दिलाया भारत को पहला स्वर्ण पदक, देश में खुशी की लहर
27 जुलाई 2015 का वह दिन इतिहास में काला दिन बन गया, जब आईआईएम शिलांग में छात्रों को पढ़ाते और संबोधित करते हुए अचानक दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। जीवन का अंतिम क्षण भी उन्होंने देश के भविष्य यानी युवाओं के साथ ही बिताया।
भले ही वे आज हमारे बीच शारीरिक रूप से मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, उनकी किताबें जैसे 'Wings of Fire', 'Ignited Minds' और 'India 2020' आज भी करोड़ों युवाओं का मार्गदर्शन कर रही हैं। डॉ. कलाम की पुण्यतिथि पर पूरा देश उन्हें नमन करता है। उनका पूरा जीवन हमें यह सिखाता है कि सच्ची विनम्रता, अटूट ज्ञान और राष्ट्रभक्ति के साथ किया गया हर एक कार्य हमेशा के लिए अमर हो जाता है।
Location : New Delhi
Published : 27 July 2026, 12:16 PM IST
Topics : APJ Abdul Kalam Inspirational Stories Kalam Death Anniversary Missile Man of India Peoples President
No related posts found.