क्या गिरेगा चुनाव आयोग का सबसे बड़ा विकेट? TMC के कदम से हलचल तेज

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने राज्यसभा सचिवालय में एक नया नोटिस दिया है। जिसमें दावा किया गया है कि 73 सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। इस नोटिस में मुख्य चुनाव आयुक्त पर 9 गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, यह नोटिस सीधे राज्यसभा सचिवालय में जमा कराया गया है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 24 April 2026, 4:14 PM IST
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New Delhi: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से राज्यसभा सचिवालय में नया नोटिस दिया गया है। जिसमें कुल 73 सांसदों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं। इस नोटिस में CEC पर 9 गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

राज्यसभा सचिवालय में TMC का नया नोटिस

सूत्रों के अनुसार, यह नोटिस सीधे राज्यसभा सचिवालय में जमा कराया गया है। TMC का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पार्टी ने दावा किया है कि यह कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था को लेकर उठाया गया है।

पहले भी उठ चुका है महाभियोग का मुद्दा

यह पहली बार नहीं है जब ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग का नोटिस लाया गया हो। इससे पहले भी TMC की ओर से इसी तरह का प्रस्ताव लाया गया था। उस समय लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में नोटिस दिया गया था। जिसमें कुल 7 प्रमुख बिंदुओं का उल्लेख किया गया था। यह नोटिस 10 पन्नों से अधिक का था। जिसमें बिहार की SIR प्रक्रिया और कुछ राजनीतिक दलों के प्रति पक्षपात जैसे आरोप शामिल थे।

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विपक्षी दलों का समर्थन और बड़े दावे

उस दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व में यह प्रस्ताव लाया गया था। जिसे कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों का समर्थन मिला था। जानकारी के मुताबिक, उस समय 193 सांसदों ने नोटिस पर हस्ताक्षर किए थे। कुछ रिपोर्ट्स में यह संख्या 200 से अधिक बताई गई थी। इसमें लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सांसद शामिल थे।

महाभियोग प्रस्ताव के नियम क्या कहते हैं

नियमों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए लोकसभा के कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा के 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। सूत्रों ने बताया कि विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ के लगभग सभी दलों ने इस प्रक्रिया का समर्थन किया है। वहीं आम आदमी पार्टी के सांसदों ने भी हस्ताक्षर किए हैं। पार्टी अब आधिकारिक रूप से इस गठबंधन का हिस्सा नहीं है।

Location :  New Delhi

Published :  24 April 2026, 4:14 PM IST

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