
प्रतीकात्मक छवि (Img- Pinterest)
Mumbai: मुंबई के अंधेरी इलाके में बॉलीवुड फिल्म 'स्पेशल 26' की तर्ज पर एक सनसनीखेज फर्जी आयकर (IT) रेड और रंगदारी का मामला सामने आया है। साकीनाका निवासी और मेडिकल उपकरण कारोबारी राजकुमार कंडासामी के दफ्तर पर अचानक कुछ लोगों ने खुद को इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर धावा बोल दिया।
आरोपियों ने दफ्तर में मौजूद 11 कर्मचारियों के मोबाइल छीन लिए और सीसीटीवी बंद कर दिए। इसके बाद जब कारोबारी अपनी पत्नी के साथ दफ्तर के लिए निकले, तो फर्जी अफसरों ने उन्हें उनकी ही कैब से जबरन अगवा कर लिया और डरा-धमकाकर दफ्तर ले आए।
दफ्तर में कुल 9 फर्जी अधिकारी (6 पुरुष और 3 महिलाएं) मौजूद थे। उन्होंने फर्जी सर्च वारंट दिखाकर कारोबारी से दस्तखत करवाए, 1.70 लाख रुपये कैश ऐंठे और 1.44 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाने की धमकी दी। इसके बाद मामले को रफा-दफा करने के नाम पर 1 करोड़ रुपये की मांग की गई।
जब कारोबारी ने आधिकारिक नोटिस की मांग की, तो आरोपी गाली-गलौज और धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। कारोबारी ने जब असली आईटी विभाग और अपने सीए से संपर्क किया, तब उन्हें अहसास हुआ कि वे एक बड़ी ठगी का शिकार हुए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अंधेरी पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। सहायक पुलिस निरीक्षक रामदास कदम और उनकी टीम ने हार न मानते हुए करीब 50 अलग-अलग जगहों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। डेढ़ महीने की कड़ी मशक्कत और तकनीकी जांच के बाद पुलिस आखिरकार आरोपियों तक पहुंचने में कामयाब रही और 6 शातिर अपराधियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं, जबकि 3 अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावड़े ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि इस पूरी फर्जी रेड का मास्टरमाइंड कारोबारी का पूर्व ड्राइवर संतोष खोपटकर था। कारोबारी ने उसे एक साल पहले नौकरी से निकाल दिया था, इसी का बदला लेने के लिए उसने गैंग के साथ मिलकर यह पूरी पटकथा लिखी।
ड्राइवर ने ही कारोबारी की रोजाना की गतिविधियों और वित्तीय स्थिति की जानकारी गिरोह को दी थी। गिरोह का मुख्य सदस्य प्रेम किशन सबनानी पहले भी ऐसे तीन मामलों में शामिल रह चुका है।
Location : Mumbai
Published : 6 September 2026, 1:53 PM IST