धनिया मंगवाने में खो गया ‘I Love You’? जानिए क्यों शादी के बाद फीका पड़ जाता है प्यार का इजहार

क्यों शादी के बाद कपल्स की बॉडी लैंग्वेज बदल जाती है? क्या 'डोपामाइन' की कमी है रिश्तों में सन्नाटे की वजह? जानिए डोरोथी टेनोव और एलेन डी बॉटन के नजरिए से रिश्तों के बदलते व्याकरण और इसे बचाने के आसान तरीके।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 15 May 2026, 10:33 AM IST
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New Delhi: किसी रेस्टोरेंट या मेट्रो में जब हम एक कपल को देखते हैं, तो हमारी नजरें तुरंत फैसला सुना देती हैं। अगर वे एक-दूसरे की आंखों में डूबे हैं, तो वे 'डेटिंग कपल' हैं और अगर दोनों अपने-अपने फोन में मशगूल हैं, तो वे 'शादीशुदा' मान लिए जाते हैं। आखिर क्यों वक्त के साथ प्यार का इजहार, धनिया मंगवाने और बिल भरने की बातचीत में तब्दील हो जाता है? क्या यह प्यार का अंत है या सिर्फ एक रासायनिक बदलाव?

लिमेरेंस (Limerence): जब दिमाग पर हावी होता है डोपामिन

मनोवैज्ञानिक डोरोथी टेनोव ने शुरुआती प्यार की उस स्थिति को 'Limerence' कहा है, जहां पेट में तितलियां उड़ती हैं। रिसर्च बताती है कि यह असल में डोपामिन का एक हाई लेवल है जो अमूमन 18 महीने से 3 साल तक रहता है। शादी के कुछ वर्षों बाद जब यह केमिकल लेवल गिरता है, तो एक्साइटमेंट की जगह स्थिरता ले लेती है। दिक्कत यह है कि हम इस स्थिरता को अक्सर 'प्यार का खत्म होना' समझ बैठते हैं, जबकि यह सिर्फ रिश्ते का एक नया पड़ाव होता है।

प्रेमी से मैनेजर बनने का सफर

शादी से पहले घंटों फोन पर यह बहस होना कि 'पहले फोन तुम काटो', एक आम दृश्य है। लेकिन शादी के बाद वही फोन कॉल 'सप्लाई चेन मैनेजमेंट' बन जाता है। मशहूर लेखक एलेन डी बॉटन अपनी किताब 'The Course of Love' में लिखते हैं कि असली प्यार वह नहीं जो वेदी तक ले जाए, बल्कि वह है जो घर के बर्तनों और बिजली के बिलों के बीच बचा रहे। अक्सर लोग इमोशनल एक्सप्रेशन इसलिए कम कर देते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि "उसे तो पता ही है कि मैं प्यार करता हूँ।" यहीं से रिश्तों में ठहराव की जगह सन्नाटा आने लगता है।

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जब 'आई लव यू' बन जाता है खतरे की घंटी

सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे प्रैंक देखे जाते हैं जहाँ शादीशुदा पुरुष अपनी पत्नी को अचानक फोन कर 'आई लव यू' बोलते हैं। उधर से आने वाला रिएक्शन अक्सर प्यार भरा नहीं, बल्कि शक से भरा होता है "क्या हुआ? ठीक तो हो ना? कहीं गाड़ी तो नहीं ठोक दी?" यह इस बात का प्रमाण है कि हमने सालों से प्यार के शब्दों का निवेश नहीं किया। जब शब्द लॉकर में बंद हो जाते हैं, तो वे जरूरत के समय काम नहीं आते, बल्कि अचानक निकलने पर डराने लगते हैं।

'स्टैंड इन लव': गिरना आसान है, खड़े रहना हुनर

ईरिच फ्रॉम ने अपनी किताब 'The Art of Loving' में कहा है कि प्यार कोई ऐसी चीज नहीं है जिसमें आप गिर जाते हैं (Fall in love), बल्कि यह एक हुनर है जिसे आपको लगातार करना पड़ता है (Stand in love)। हम अक्सर पार्टनर के साथ मॉल में घूमते हुए भी कोसों दूर होते हैं। यह दूरी सिर्फ फिजिकल नहीं, इमोशनल भी होती है। हम प्रेमी से 'मैनेजर' तो बन जाते हैं, लेकिन उस रिश्ते के 'आर्टिस्ट' होना भूल जाते हैं।

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'ओम इग्नोराय नमः' और रिश्तों का कम्फर्ट जोन

आजकल रिश्तों में सबसे लोकप्रिय मंत्र बन गया है- 'इग्नोर करो'। पति ध्यान नहीं दे रहा? इग्नोर करो। घर में तनातनी है? इग्नोर करो। इग्नोर करने की यह आदत धीरे-धीरे एक 'कम्फर्ट जोन' बना देती है जहाँ न कोई उम्मीद बचती है और न ही कोई कोशिश। जब हम एक-दूसरे को इग्नोर करते हैं, तो सबसे पहले प्यार ही दम तोड़ता है। याद रखिए, प्यार अगर सिर्फ दिल में बंद रहे तो वह उस बैंक लॉकर जैसा है जिसका सोना रोजमर्रा की जिंदगी की गरीबी दूर नहीं कर सकता।

Location :  New Delhi

Published :  15 May 2026, 10:33 AM IST

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