नौतपा की तेज धूप में भूलकर भी न पहने 100 रुपये वाला चश्मा, आंखों पर पड़ सकता है बुरा असर

25 मई से शुरू हो रहे नौतपा के दौरान तेज धूप और गर्म हवाएं आंखों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। विशेषज्ञों ने बिना UV प्रोटेक्शन वाले सस्ते सनग्लास से बचने की सलाह दी है। गलत चश्मा पहनने से आंखों में जलन, पानी आना और धुंधलापन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 May 2026, 3:23 PM IST

New Delhi: गर्मियों के मौसम में हर साल एक ऐसा दौर आता है जब सूरज की तपिश सबसे ज्यादा महसूस होती है। इस समय को “नौतपा” कहा जाता है। नौतपा का मतलब लगातार 9 दिनों तक पड़ने वाली भीषण गर्मी से होता है। इस साल 25 मई से 2 जून तक नौतपा का असर रहने वाला है। इन दिनों तापमान तेजी से बढ़ता है, गर्म हवाएं चलती हैं और दोपहर में बाहर निकलना लोगों के लिए मुश्किल हो जाता है।

मौसम विशेषज्ञ भी नौतपा के दौरान लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। तेज धूप और लू से बचने के लिए लोग कई तरह के उपाय अपनाते हैं। इनमें धूप से आंखों को बचाने के लिए सनग्लास पहनना भी शामिल है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि बिना जांचे-परखे सड़क किनारे मिलने वाले सस्ते चश्मे पहनना आंखों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

सस्ता चश्मा आंखों को पहुंचा सकता है गंभीर नुकसान

गर्मी बढ़ते ही बाजारों और सड़कों पर 100 से 150 रुपये तक के काले चश्मों की बिक्री बढ़ जाती है। कई लोग केवल स्टाइल और धूप से बचने के लिए ऐसे चश्मे खरीद लेते हैं। देखने में ये चश्मे आकर्षक लग सकते हैं, लेकिन इनमें सही UV Protection नहीं होता।

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विशेषज्ञों के अनुसार सूरज की हानिकारक अल्ट्रावायलेट किरणें आंखों के लिए बेहद नुकसानदायक होती हैं। अगर चश्मे में UV Protection नहीं है तो धूप की किरणें सीधे आंखों तक पहुंच सकती हैं। इससे आंखों में जलन, पानी आना, सिर दर्द और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक ऐसे चश्मों का इस्तेमाल आंखों की रोशनी पर भी असर डाल सकता है।

नौतपा में आंखों की सुरक्षा बेहद जरूरी

डॉक्टरों का कहना है कि नौतपा के दौरान केवल अच्छी क्वालिटी वाले सनग्लास का ही इस्तेमाल करना चाहिए। चश्मा खरीदते समय यह जरूर जांच लें कि उसमें UV Protection दिया गया हो। इससे आंखें सूरज की हानिकारक किरणों से सुरक्षित रहती हैं।

इसके अलावा तेज धूप में बाहर निकलते समय छाता, टोपी या गमछे का इस्तेमाल करना भी फायदेमंद माना जाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए क्योंकि इसी समय सूरज की किरणें सबसे ज्यादा तेज और खतरनाक होती हैं।

छोटी लापरवाही बन सकती है बड़ी परेशानी

नौतपा के दौरान शरीर के साथ-साथ आंखों की देखभाल करना भी बेहद जरूरी होता है। केवल फैशन के लिए सस्ता और बिना सुरक्षा वाला चश्मा पहनना भविष्य में आंखों की गंभीर समस्याओं की वजह बन सकता है।

डॉक्टरों के मुताबिक गर्मी के मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए और आंखों को समय-समय पर ठंडे पानी से धोते रहना चाहिए। अगर आंखों में ज्यादा जलन, दर्द या धुंधलापन महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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सही सावधानी से बच सकती हैं आंखें

विशेषज्ञों का मानना है कि नौतपा के दौरान थोड़ी सी सावधानी लोगों को बड़ी परेशानियों से बचा सकती है। सही सनग्लास का इस्तेमाल, धूप से बचाव और शरीर को हाइड्रेट रखना गर्मी के इस कठिन दौर में बेहद जरूरी है। ऐसे में लोगों को केवल सस्ते और फैशनेबल चश्मों के बजाय अपनी आंखों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।

Location :  New Delhi

Published :  23 May 2026, 3:23 PM IST