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Symbolic Photo (Image Source: Pinterest)
New Delhi: हिंदी सिनेमा में दोस्ती, प्यार और भाई-बहन के रिश्तों पर तो आपने खूब गाने सुने होंगे, लेकिन जब बात सौतन की हो, तो कहानी में तड़का लगना तय है। बॉलीवुड में एक ऐसा ही गाना आया था, जिसने 2000 के दशक की शुरुआत में खूब धूम मचाई थी। इस गाने में एक पत्नी अपने पति से मजेदार अंदाज में शिकायत करती है और उसे दूसरी औरत को दिल न देने की हिदायत देती है। कभी ऑटो-रिक्शा, बस और ट्रकों में खूब सुनाई देने वाला यह गाना आज भी पुराने बॉलीवुड संगीत के शौकीनों को याद है। हम बात कर रहे हैं ‘दिल मत देना मेरी सौतन को’ गाने की, जिसने अपने चटपटे बोल और शानदार संगीत से लोगों का दिल जीत लिया था।
‘बंगला गाड़ी, दिल मत देना मेरी सौतन को’ जैसे मजेदार बोल वाले इस गाने को मशहूर गायिका अलका याग्निक ने अपनी आवाज दी थी। इसके बोल दिग्गज गीतकार आनंद बख्शी ने लिखे थे, जबकि संगीतकार जोड़ी आनंद-मिलिंद ने इसकी धुन तैयार की थी। गाने में मस्ती, नोकझोंक और रोमांस का ऐसा मेल था, जो उस दौर के दर्शकों को खूब पसंद आया। इस गाने की खासियत इसके बोलों के साथ-साथ इसका फिल्मांकन भी था। मनीषा कोइराला और संजय कपूर की केमिस्ट्री ने गाने को पर्दे पर आकर्षक बना दिया। यही वजह रही कि यह गाना फिल्म के मनोरंजक हिस्सों में खास जगह बना गया। आज भी पुराने हिंदी फिल्मी गानों की चर्चा होती है, तो इस गाने का जिक्र सुनने को मिल जाता है।
यह गाना साल 2001 में रिलीज हुई फिल्म ‘छुपा रुस्तम: ए म्यूजिकल थ्रिलर’ का हिस्सा था। फिल्म का निर्देशन अजीज सेजवाल ने किया था। रोमांस, कॉमेडी और थ्रिलर के मेल वाली इस फिल्म में गाने ने कहानी के हल्के-फुल्के अंदाज को और दिलचस्प बनाया। फिल्म में संजय कपूर और मनीषा कोइराला मुख्य भूमिकाओं में थे। इनके अलावा ममता कुलकर्णी, टीनू आनंद, राज बब्बर और दिलीप ताहिल जैसे कलाकार भी नजर आए थे। फिल्म में संजय कपूर ने डबल रोल निभाया था। वह अमीर उद्योगपति निर्मल और छोटे चोर राजा, दोनों किरदारों में दिखाई दिए थे। मनीषा कोइराला ने राजा की प्रेमिका निशा का किरदार निभाया, जबकि ममता कुलकर्णी निर्मल की प्रेमिका संध्या के रूप में नजर आईं।
‘छुपा रुस्तम’ के निर्माण की कहानी भी दिलचस्प रही। फिल्म को रिलीज होने में कई साल लग गए। शुरुआत में मेहुल कुमार इसके निर्देशन से जुड़े थे और अनिल कपूर को फिल्म के लिए साइन किए जाने की बात सामने आई थी। बाद में संजय कपूर फिल्म का हिस्सा बने और अजीज सेजवाल ने निर्देशन की जिम्मेदारी संभाली। रिलीज के बाद फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छा प्रदर्शन किया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने करीब 9.46 करोड़ रुपये की कमाई की थी। फिल्म की कहानी और कलाकारों के साथ-साथ इसके गानों ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा।
एक दौर था, जब बॉलीवुड के गाने सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहते थे। वे सड़कों, बाजारों, शादियों और सफर का भी हिस्सा बन जाते थे। ‘दिल मत देना मेरी सौतन को’ भी ऐसे ही गानों में शामिल रहा, जिसे लोग अपने रोजमर्रा के सफर में सुनते थे। अलका याग्निक की आवाज, आनंद बख्शी के बोल और आनंद-मिलिंद का संगीत इस गाने को उस दौर की यादगार पेशकश बनाते हैं। यही वजह है कि पुराने फिल्मी संगीत की चर्चा में यह गाना आज भी अपनी जगह बनाए हुए है।
Location : New Delhi
Published : 24 October 2026, 2:16 PM IST