बुजुर्गों के फेफड़ों पर छिपकर हमला करता है साइलेंट निमोनिया, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

बढ़ता वायु प्रदूषण और बदलता मौसम बुजुर्गों की सेहत के लिए परेशानी बढ़ा रहा है, बुजुर्गों में फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का खतरा अधिक होता है, आइए जानते हैं फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों से बचने के उपाय।

Post Published By: Ramdev Gupta
Updated : 23 October 2026, 11:12 AM IST
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New Delhi: बढ़ता वायु प्रदूषण और बदलता मौसम बुजुर्गों की सेहत के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। खासकर फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का खतरा अधिक रहता है। इन्हीं में से एक है साइलेंट निमोनिया(Silent pneumonia)। इस बीमारी में कई बार शुरुआत में तेज बुखार, खांसी या सीने में दर्द जैसे साफ लक्षण दिखाई नहीं देते। ऐसे में मरीज और उसके परिवार वाले बीमारी को सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर सकते हैं। समय पर पहचान और इलाज न मिलने पर यह गंभीर रूप ले सकता है।

क्या है साइलेंट निमोनिया(Silent pneumonia)?

निमोनिया फेफड़ों में होने वाला एक संक्रमण है, जो बैक्टीरिया(Bacteria), वायरस(Virus) या फंगस(Fungus) के कारण हो सकता है। इस संक्रमण में फेफड़ों की छोटी-छोटी वायु थैलियों में सूजन आ सकती है और उनमें तरल पदार्थ भर सकता है। इससे सांस लेने में परेशानी होती है। जब इसके लक्षण शुरुआत में हल्के होते हैं या साफ दिखाई नहीं देते, तो इसे आम बोलचाल में साइलेंट निमोनिया कहा जाता है।

बुजुर्गों को ज्यादा खतरा क्यों?

बढ़ती उम्र के साथ शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कमजोर हो सकती है। इसके अलावा डायबिटीज(Dibetes) दिल की बीमारी और फेफड़ों की पुरानी समस्या से पीड़ित लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। प्रदूषण और धूल भी सांस की परेशानी बढ़ा सकते हैं।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

- अचानक ज्यादा कमजोरी या थकान महसूस होना।
- भूख कम लगना और खाना खाने का मन न करना।
- सांस तेज चलना या सांस लेने में परेशानी होना।
- सामान्य से अधिक सुस्ती या व्यवहार में बदलाव आना।
- हल्की खांसी, बुखार या सीने में तकलीफ होना।

बचाव के लिए क्या करें?

प्रदूषण अधिक होने पर बाहर निकलने से बचें। जरूरत पड़ने पर अच्छी गुणवत्ता( Quality) वाला मास्क पहनें। घर में धूल, धुएं और तंबाकू के धुएं से दूरी रखें। पर्याप्त पानी पिएं और पौष्टिक भोजन करें। डॉक्टर की सलाह के अनुसार निमोनिया और फ्लू के टीके लगवाएं।

सांस लेने में ज्यादा परेशानी, होंठ नीले पड़ना, भ्रम होना या अचानक हालत बिगड़ना गंभीर संकेत हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत डाक्टर की सहायता लें। समय पर इलाज से बीमारी की गंभीरता कम करने में मदद मिल सकती है।

Location :  New Delhi

Published :  23 October 2026, 10:27 AM IST

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