हिंदी
प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest)
New Delhi: अच्छे दोस्त जिंदगी में खुशियां तो लाते ही हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मजबूत दोस्ती आपकी सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकती है? दोस्तों के साथ बातचीत, हंसी-मजाक और भावनात्मक जुड़ाव तनाव को कम करने के साथ शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। ऐसे में जिस तरह हम अपनी फिटनेस का ध्यान रखते हैं, उसी तरह ‘सोशल फिटनेस’ पर भी ध्यान देना जरूरी है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी शारीरिक सेहत के लिए एक्सरसाइज, डाइट और नींद पर ध्यान देते हैं। लेकिन सामाजिक रिश्तों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। जबकि विशेषज्ञों के मुताबिक, दोस्तों और करीबी लोगों से नियमित संपर्क मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
दोस्तों के साथ बातचीत करने से अकेलेपन का एहसास कम हो सकता है। वहीं, किसी अपने के साथ खुलकर बात करने और हंसने से मन हल्का महसूस होता है।
शोधों में सामाजिक जुड़ाव को बेहतर स्वास्थ्य से जोड़ा गया है। मजबूत दोस्ती तनाव को कम करने में मदद कर सकती है और दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकती है। इतना ही नहीं, सकारात्मक सामाजिक रिश्ते शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने में भी भूमिका निभा सकते हैं।
यानी दोस्तों के साथ बिताया गया समय केवल मनोरंजन नहीं है, बल्कि यह आपकी ओवरऑल हेल्थ का हिस्सा भी हो सकता है।
काम और निजी जिम्मेदारियों के बीच दोस्तों के लिए समय निकालना कई बार मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दोस्ती बनाए रखने के लिए घंटों मिलने की जरूरत नहीं है। छोटी-सी बातचीत भी रिश्ते को मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकती है।
कैनसस यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेफरी हॉल के मुताबिक, अगर किसी दोस्त से दूरी बढ़ रही है तो दोनों की दिनचर्या को समझना चाहिए और ऐसा समय तलाशना चाहिए, जब थोड़ी देर बातचीत संभव हो।
दोस्त की दिनचर्या के बारे में जानना भी दूरी के बावजूद जुड़ाव बनाए रखने में मदद कर सकता है।
दोस्ती के लिए अलग से लंबा समय निकालना संभव न हो तो रोजमर्रा के कामों के साथ बातचीत को जोड़ा जा सकता है। घर का काम करते हुए दोस्त को फोन करना इसका आसान तरीका है।
डार्टमाउथ की समाजशास्त्र प्रोफेसर जेनिस एम. मैककेबे के अनुसार, यहां तक कि कुत्ते को टहलाने जैसी रोजमर्रा की गतिविधि भी दोस्त के साथ जुड़ने का अवसर बन सकती है।
यूसीएलए सेंटर फॉर फ्रेंडशिप रिसर्च की निदेशक जैमी अरोणा क्रेम्स के मुताबिक, दोस्ती के लिए हमेशा लंबी बातचीत जरूरी नहीं होती। किसी का हाल पूछना, कुछ मिनट बात करना, साथ हंसना या आवाज में अपनापन महसूस करना भी रिश्ते को मजबूत कर सकता है।
इसलिए अगली बार जब आप अपनी फिटनेस को लेकर सोचें, तो अपनी ‘सोशल फिटनेस’ को भी याद रखें। हफ्ते में कुछ समय दोस्तों के लिए निकालना आपकी जिंदगी में भावनात्मक जुड़ाव और सकारात्मकता बढ़ाने का एक आसान तरीका हो सकता है।
Location : New Delhi
Published : 6 September 2026, 10:33 AM IST